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Navy: INS ब्रह्मपुत्र हादसे में तय की जाएगी जवाबदेही, भारतीय नौसेना के रियर एडमिरल के नेतृत्व में होगी जांच
Tue, 23 Jul 2024 11:21 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 23 Jul 2024 11:21 PM IST
सार
आईएनएस ब्रह्मपुत्र युद्धपोत से जुड़ी दुर्घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए नौसेना मुख्यालय ने सटीक कारणों का पता लगाने और जांच रिपोर्ट के आधार पर जवाबदेही स्थापित करने के लिए रियर एडमिरल के नेतृत्व में विस्तृत जांच का आदेश दिया है।
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INS ब्रह्मपुत्र हादसे में तय की जाएगी जवाबदेही
- फोटो : ANI
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विस्तार
21 जुलाई रविवार की रात आग लगने के बाद युद्धपोत आईएनएस ब्रह्मपुत्र को हुए नुकसान को लेकर भारतीय नौसेना काफी सख्त है। फिलहाल आईएनएस ब्रह्मपुत्र नौसेना डॉकयार्ड में एक तरफ झुका ही हुआ है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने दुर्घटना के कारणों की समीक्षा करने के लिए मुंबई की अपनी यात्रा के दौरान संबंधित अधिकारियों को राष्ट्रीय संपत्तियों को संभालने में बहुत सावधानी बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं।
रियर एडमिरल को नौसेना प्रमुख ने दिए निर्देश
उन्होंने बताया कि नौसेना प्रमुख को पश्चिमी कमान के अधिकारियों ने दुर्घटना और सेना की तरफ से उठाए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जांच बोर्ड का नेतृत्व करने वाले रियर एडमिरल (सेना में मेजर जनरल के समकक्ष) को दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए समयबद्ध तरीके से काम करने के लिए कहा गया है।
लापता नाविक का नहीं चल सका पता, तलाश जारी
नौसेना प्रमुख ने कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी इस दुर्घटना के बारे में जानकारी दी थी। जिस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना प्रमुख को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। बता दें कि आईएनएस ब्रह्मपुत्र एक तरफ गंभीर रूप से झुका हुआ था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद जहाज को सीधा नहीं किया जा सका है। वहीं नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि लापता नाविक का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन उसकी तलाश जारी है।
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21 जुलाई को मरम्मत के दौरान INS ब्रह्मपुत्र पर लगी थी आग
बता दें कि युद्धपोत जहाज आईएनएस ब्रह्मपुत्र पर 21 जुलाई को उस वक्त आग लग गई थी, जब उसकी मरम्मत की जा रही थी। जिसके बाद नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई और बंदरगाह में मौजूद अन्य जहाजों के अग्निशमन कर्मियों की सहायता से जहाज के चालक दल ने 22 जुलाई की सुबह तक आग पर काबू पाया था। आईएनएस ब्रह्मपुत्र स्वदेशी रूप से निर्मित 'ब्रह्मपुत्र' श्रेणी का पहला निर्देशित मिसाइल युद्धपोत है। इसे अप्रैल 2000 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
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रियर एडमिरल को नौसेना प्रमुख ने दिए निर्देश
उन्होंने बताया कि नौसेना प्रमुख को पश्चिमी कमान के अधिकारियों ने दुर्घटना और सेना की तरफ से उठाए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जांच बोर्ड का नेतृत्व करने वाले रियर एडमिरल (सेना में मेजर जनरल के समकक्ष) को दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए समयबद्ध तरीके से काम करने के लिए कहा गया है।
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लापता नाविक का नहीं चल सका पता, तलाश जारी
नौसेना प्रमुख ने कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी इस दुर्घटना के बारे में जानकारी दी थी। जिस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना प्रमुख को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। बता दें कि आईएनएस ब्रह्मपुत्र एक तरफ गंभीर रूप से झुका हुआ था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद जहाज को सीधा नहीं किया जा सका है। वहीं नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि लापता नाविक का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन उसकी तलाश जारी है।
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21 जुलाई को मरम्मत के दौरान INS ब्रह्मपुत्र पर लगी थी आग
बता दें कि युद्धपोत जहाज आईएनएस ब्रह्मपुत्र पर 21 जुलाई को उस वक्त आग लग गई थी, जब उसकी मरम्मत की जा रही थी। जिसके बाद नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई और बंदरगाह में मौजूद अन्य जहाजों के अग्निशमन कर्मियों की सहायता से जहाज के चालक दल ने 22 जुलाई की सुबह तक आग पर काबू पाया था। आईएनएस ब्रह्मपुत्र स्वदेशी रूप से निर्मित 'ब्रह्मपुत्र' श्रेणी का पहला निर्देशित मिसाइल युद्धपोत है। इसे अप्रैल 2000 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।