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फारस की खाड़ी में भारत ने तैनात किए दो युद्धपोत, 'ऑपरेशन संकल्प' से होगी सुरक्षा
Thu, 20 Jun 2019 09:18 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Thu, 20 Jun 2019 09:18 PM IST
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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने फारस की खाड़ी में नौसेना के दो युद्धपोत तैनात किए हैं। इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए ऑपरेशन 'संकल्प शुरू' किया गया है। इसमें फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और होरमुज-स्ट्रेट से गुजर रहे भारत के जहाजों को सुरक्षित वहां से निकालना है। भारत का 40 फीसद ऊर्जा आयात इसी जल मार्ग पर निर्भर है।
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भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डी के शर्मा के मुताबिक आईएनएस चेन्नई और आईएनएस सुनयना को ओमान की खाड़ी में तैनात किया गया है। ताकि वहां से गुजरने वाले सभी भारतीय जहाज सुरक्षित अपने देश लौट सकें। इसके अलावा भारतीय नौसेना के टोही विमान भी आसमान से नजर रखे हुए हैं कि भारतीय जहाज सुरक्षित वहां से निकल सकें। कैप्टन शर्मा के मुताबिक, राजधानी दिल्ली के करीब गुरुग्राम में हिंद महासागर के लिए बने इंफर्मेशन फ्यूजन सेंटर से भी पूरे खाड़ी-क्षेत्र पर नजर बनाए हुए हैं।
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गौरतलब है कि गुरुवार को ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होरमुज में अमेरिका के एक ड्रोन को मार गिराया है। हालांकि अमेरिका का मानना है कि ये ड्रोन इंटरनेशनल एयर-स्पेस में था लेकिन ईरान का दावा है कि वो ईरान के एयर-स्पेस में था इसलिए उसे मार गिराया। इस घटना के बाद माना जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी बढ़ सकती है जिसका असर फारस की खाड़ी से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर पड़ सकता है।
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इस मेरिटाइम-रूट से भारत के ऑयल-टैंकर (जहाज), कार्गो और कॉमर्शियल जहाज बड़ी तादाद में गुजरते हैं इसलिए उनकी सुरक्षा बेहद जरूरी है। क्योंकि कुछ दिन पहले ही ईरान के तट पर खड़े दो कमर्शियल जहाजों में आग लग गई थी। माना जा रहा है कि ये आग किसी मिसाइल के जरिए लगी थी।
खाड़ी क्षेत्र की स्थिति को भांपते हुए ही भारत के जहाजरानी मंत्रालय ने 13 और 16 जून को एडवायजरी जारी करते हुए सभी भारतीय जहाजों को सुरक्षा के एतिहायती कदम उठाने के लिए कहा था।कैप्टन शर्मा ने आज बयान जारी करते हुए कहा कि "भारतीय नौसेना, हिंद महासागर में भारतीय समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चि करने के लिए प्रतिबद्ध है और एक स्थिर और शांतिपूर्ण महासागर क्षेत्र को बनाए रखने में सहयोग कर रही है।''