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Indian Navy: अरब सागर और अदन की खाड़ी में चौकसी बढ़ाने की तैयारी में नौसेना, लाल सागर में हलचल से गहराई चिंता
Sun, 31 Dec 2023 06:16 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 31 Dec 2023 06:16 PM IST
सार
लाल सागर में जहाजों पर हमलों के कारण चिंता बढ़ रही है। नौसेना ने अरब सागर और लाल सागर में चौकसी बढ़ाने का फैसला लिया है। नौसेना ने कहा है कि व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए नौसेना प्रतिबद्ध है।
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नौसेना (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारतीय नौसेना ने अरब सागर और अदन की खाड़ी में सतर्कता बढ़ाने का फैसला लिया है। नौसेना ने अग्रिम पंक्ति के विध्वंसक और फ्रिगेट तैनात करने का फैसला लिया है। निगरानी तंत्र को मजबूत करने के कारणों पर नौसेना ने कहा, पिछले कुछ हफ्तों में लाल सागर, अदन की खाड़ी और मध्य/उत्तरी अरब सागर में हलचल बढ़ी है।
दरअसल, बीते कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमले किए गए हैं। इस पर नौसेना ने कहा कि हालिया घटनाओं के मद्देनजर अरब सागर और अदन की खाड़ी में हो रही घटनाओं पर सेना की करीबी नजर है। भारतीय नौसेना ने मध्य/उत्तरी अरब सागर में समुद्री निगरानी काफी हद तक बढ़ाई है। सुरक्षाबलों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
नौसेना ने कहा, समुद्री सुरक्षा अभियान के तहत व्यापारिक जहाजों को सहायता प्रदान की जाएगी। संपूर्ण समुद्री क्षेत्र जागरूकता के लिए लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमानों की मदद ली जा रही है। विमानों की मदद से हवाई निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
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नौसेना के मुताबिक भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की प्रभावी निगरानी के लिए भारतीय नौसेना तटरक्षक बल के साथ समन्वय कर रही है। राष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के साथ समन्वय में भारतीय नौसेना हालत की बारीकी से निगरानी कर रही है। सुरक्षाबलों ने कहा, भारतीय नौसेना अरब सागर और ईईजेड क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि लाइबेरिया के झंडे वाले मालवाहक जहाज एमवी केम प्लूटो को बीते 23 दिसंबर को निशाना बनाया गया था। इस पर भारतीय चालक दल के 21 सदस्य सवार थे। भारत के पश्चिमी तट पर एमवी केम प्लूटो को ड्रोन से निशाना बनाया गया था। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके अलावा कई और जहाजों पर हमले के पीछे ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का हाथ माना जा रहा है।
भारत की ओर जा रहे कच्चे तेल के वाणिज्यिक टैंकर- एमवी साईं बाबा पर दक्षिणी लाल सागर में संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ था। नौसेना ने अपने बयान में भारतीय तट से लगभग 700 समुद्री मील दूर व्यापारी जहाज एमवी रुएन पर हमले का भी जिक्र किया। एमवी रुएन हाल ही में हुई समुद्री डकैती का शिकार हुआ था। नौसेना ने कहा कि गुजरात के पोरबंदर से लगभग 220 समुद्री मील दक्षिण पश्चिम में एमवी केम प्लूटो पर ड्रोन हमला, भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र के करीब समुद्री घटनाओं में बदलाव का संकेत देता है।
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दरअसल, बीते कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमले किए गए हैं। इस पर नौसेना ने कहा कि हालिया घटनाओं के मद्देनजर अरब सागर और अदन की खाड़ी में हो रही घटनाओं पर सेना की करीबी नजर है। भारतीय नौसेना ने मध्य/उत्तरी अरब सागर में समुद्री निगरानी काफी हद तक बढ़ाई है। सुरक्षाबलों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
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नौसेना ने कहा, समुद्री सुरक्षा अभियान के तहत व्यापारिक जहाजों को सहायता प्रदान की जाएगी। संपूर्ण समुद्री क्षेत्र जागरूकता के लिए लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमानों की मदद ली जा रही है। विमानों की मदद से हवाई निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
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नौसेना के मुताबिक भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की प्रभावी निगरानी के लिए भारतीय नौसेना तटरक्षक बल के साथ समन्वय कर रही है। राष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के साथ समन्वय में भारतीय नौसेना हालत की बारीकी से निगरानी कर रही है। सुरक्षाबलों ने कहा, भारतीय नौसेना अरब सागर और ईईजेड क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि लाइबेरिया के झंडे वाले मालवाहक जहाज एमवी केम प्लूटो को बीते 23 दिसंबर को निशाना बनाया गया था। इस पर भारतीय चालक दल के 21 सदस्य सवार थे। भारत के पश्चिमी तट पर एमवी केम प्लूटो को ड्रोन से निशाना बनाया गया था। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके अलावा कई और जहाजों पर हमले के पीछे ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का हाथ माना जा रहा है।
भारत की ओर जा रहे कच्चे तेल के वाणिज्यिक टैंकर- एमवी साईं बाबा पर दक्षिणी लाल सागर में संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ था। नौसेना ने अपने बयान में भारतीय तट से लगभग 700 समुद्री मील दूर व्यापारी जहाज एमवी रुएन पर हमले का भी जिक्र किया। एमवी रुएन हाल ही में हुई समुद्री डकैती का शिकार हुआ था। नौसेना ने कहा कि गुजरात के पोरबंदर से लगभग 220 समुद्री मील दक्षिण पश्चिम में एमवी केम प्लूटो पर ड्रोन हमला, भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र के करीब समुद्री घटनाओं में बदलाव का संकेत देता है।