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देश के मुस्लिमों में असुरक्षा और घबराहट बढ़ी: हामिद अंसारी
Amarujala.com- Presented By: मोहित
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:06 PM IST
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बृहस्पतिवार को अपना कार्यकाल पूरा कर रहे उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि देश के मुसलमानों में बेचैनी की भावना औैर असुरक्षा का बोध है। उन्होंने कहा कि देश में ‘स्वीकार्यता का माहौल’ खतरे में है। अपना दस साल का कार्यकाल बृहस्पतिवार को पूरा कर रहे अंसारी ने यह टिप्पणी देश में असहिष्णुताओं की घटनाओं, गोरक्षकों की गतिविधियों और भगवा ब्रिगेड के कुछ नेताओं के बयानों के संदर्भ में की है।
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राज्यसभा टीवी पर करन थापर को दिए इंटरव्यू में अंसारी ने कहा कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और मंत्रिमंडल के उनके सहयोगियों के सामने असहिष्णुता के मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा कि नागरिकों की भारतीयता पर सवाल किया जाना एक परेशानी पैदा करने वाली सोच है।
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करन थापर ने उप राष्ट्रपति से पूछा कि क्या उन्होंने देश में असहिष्णुता से जुड़ी घटनाओं पर बात की थी। इस पर उन्होंने कहा, बिल्कुल की थी। लेकिन इन चीजों को इस विशेष बातचीत के दायरे में ही रहना चाहिए। हामिद ने कहा कि मैंने मंत्रियों के सामने भी यह सवाल उठाया था।
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अंसारी ने इस इंटरव्यू में पीट-पीट कर की जाने वाली हत्याओं, घर वापसी जैसे मामलों और तर्कवादियों की हत्याओं को भारतीय मूल्यों के खात्मे जैसा करार दिया। उन्होंने कहा, ये मामले ऐसे थे जिनसे लग रहा था कि अलग-अलग स्तर पर अलग-अलग जगहों पर सामान्य कानून को लागू करने में शासन असमर्थ है।
तीन तलाक के मुद्दे पर अंसारी ने कहा कि यह सामाजिक बुराई है। इसे धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इस्लाम के लिहाज से यह जरूरी नहीं है। इस बारे में इस्लाम में स्पष्ट व्याख्या है। लेकिन पितृ सत्ता और सामाजिक रीति-रिवाज ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अदालत को इसमें दखल नहीं देना चाहिए।
यह सुधार समुदाय के भीतर से ही होना चाहिए। जम्मू-कश्मीर के सवाल पर पूर्व राजनयिक अंसारी ने कहा कि यह मूल रूप से राजनीतिक समस्या है। और इसका समाधान भी राजनीतिक रूप से होना चाहिए। उन्होंने यह माना कि राजनीतिक नेता इस सवाल से बचने की कोशिश कर रहे हैं।