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युद्धाभ्यास : अरब सागर में शुरू हुआ भारत-फ्रांस का मेगा वारगेम
Mon, 26 Apr 2021 03:56 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 26 Apr 2021 03:56 AM IST
सार
- 19वें वरुणा युद्धाभ्यास का हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना और चीन पर दबाव बनाना है लक्ष्य
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सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत और फ्रांस की नौसेनाओं के बीच अरब सागर में रविवार से तीन दिन का मेगा वारगेम शुरू हो गया। हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती समुद्री उपस्थिति से बढ़ रही चिंता के बीच इस संयुक्त अभ्यास को बेहद अहम माना जा रहा है।
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चीन पर दबाव बनाने के लिए दोनों देशों के वरुणा युद्धाभ्यास के इस 19वें संस्करण की अहमियत का अंदाजा फ्रांस के दल को देखकर लगाया जा सकता है, जिसमें उसका परमाणु शक्ति चालित विमानवाहक पोत चार्ल्स डि गाउले और आतंकी संगठन आईएसआईएस के खिलाफ अभियान चलाने में माहिर करियर स्ट्राइक ग्रुप (सीएसजी) शामिल किया गया है।
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फ्रांसीसी दूतावास ने युद्धाभ्यास शुरू होने के बाद कहा कि वरुणा अभ्यास का 19वां संस्करण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने में दोनों देशों के साझा हितों और प्रतिबद्धता की झलक दिखाएगा।
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साथ ही दोनों देशों की सामरिक साझेदारी की जीवंतता की भी गवाही देगा। दूतावास ने कहा, 1983 में शुरू हुआ भारत-फ्रांस नौसैनिक सहयोग दोनों देशों के मुक्त, खुले व समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण में अहम भूमिका निभा रहा है।
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने बताया कि भारतीय नौसेना ने इस अभ्यास के लिए अपना गाइडेड मिसाइल स्टील्थ डेस्ट्रॉयर कोलकाता, गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट तर्कश व तलवार, फ्लीट सपोर्ट शिप दीपक, एक कलावरी श्रेणी की पनडुब्बी और लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान पी-81 का एक बेड़ा उतारा है, जबकि फ्रांसीसी नौसेना दल में विमानवाहक पोत चार्ल्स डि गाउले व सीएसजी के अलावा हॉरिजन-क्लास एयर डिफेंस डेस्ट्रॉयर कैवेलियर पॉल, एक्विटन-क्लास मल्टी मिशन फ्रिगेट प्रूवेंस और कमांड एंड सप्लाई शिप वार भी शामिल हैं।
कमांडर मधवाल के मुताबिक, भारतीय बेड़े का नेतृत्व पश्चिमी फ्लीट के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल अजय कोचर कर रहे हैं, जबकि फ्रांसीसी नौसेना टास्क फोर्स 473 के कमांडर रियर एडमिरल मार्क ऑस्सिडेट के नेतृत्व में उतरेगी।
बेहद शक्तिशाली है फ्रांसीसी नौसेना का विमानवाहक पोत
फ्रांसीसी नौसैनिक बेड़े का नेतृत्व कर रहा विमानवाहक पोत चार्ल्स डि गाउले अपनेआप में बेहद खास और ताकतवर है। करीब 20 राफेल (मैरीन) लड़ाकू विमानों, दो ई2सी हॉकआई विमान और कई काएमैन-एम व डॉल्फिन हेलिकॉप्टरों से सुसज्जित इस युद्धपोत का वजन करीब 42500 टन है, जो एफिल टॉवर से करीब चार गुना ज्यादा वजन है।
इसे चलाने के लिए 1200 लोगों का क्रू है, जिसमें 15.4 फीसदी महिला कर्मचारी हैं। युद्धपोत का डैक करीब 75 मीटर लंबा है, जिस पर हर 30 सेकंड में लगातार एक राफेल विमान 3 सेकंड से कम समय में उड़ान भर सकता है।