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कोविड-19 वैक्सीन आने के बाद अर्थव्यवस्था में सुधार, बजट से और बेहतर होगी स्थिति
Thu, 28 Jan 2021 02:22 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 28 Jan 2021 02:22 AM IST
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भारतीय अर्थव्यवस्था
- फोटो : पीटीआई
कोविड-19 वैक्सीन आने और राजकोषीय विस्तार से भारतीय अर्थव्यवस्था सुधार की ओर बढ़ रही है। 1 फरवरी, 2021 को पेश होने वाले आम बजट से आर्थिक सुधार की स्थिति और बेहतर होगी। अर्थशास्त्रियों के एक सर्वे में कहा गया है कि आबादी के लिहाज से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश ने एक बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया है।
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अर्थशास्त्रियों के सर्वे में दावा...वैक्सीन आने और राजकोषीय विस्तार से भारतीय अर्थव्यवस्था पटरी पर
पिछले कुछ महीने में कोरोना वायरस के मामलों में कमी आने से एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिखने लगे हैं। सर्वे में शामिल अर्थशास्त्रियों ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के कोरोना के पूर्व स्तर पर पहुंचने में दो साल तक का समय लगेगा।
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खर्च बढ़ाने पर रहेगा सरकार का जोर
रबोबैंक के अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख ह्यूगो एरकेन ने कहा, दूसरी तिमाही में वैश्विक वित्तीय गतिविधियों के सामान्य स्थिति में आने की उम्मीद है। सरकारी प्रोत्साहन पैकेजों से 2021-22 के दौरान भारत के आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी। उन्होंने कहा, मुझे ऐसा लगता है कि मोदी सरकार का जोर 2021-22 के आम बजट में खर्च को जारी रखने पर होगा क्योंकि विकास ही एकमात्र तरीका है, जिससे भारत हाल के मुश्किल दौर से बाहर आ सकता है।
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आर्थिक वृद्धि दर 9.5 फीसदी रहने का अनुमान
50 से अधिक अर्थशास्त्रियों के सर्वे के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था 9.5 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ेगी। यह मार्च, 2020 में सर्वे शुरू होने से लेकर अब तक का सबसे ज्यादा अनुमान है।
उस दौरान चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में 8 फीसदी गिरावट की बात कही गई थी, जबकि 2022-23 के दौरान भारत की विकास दर 6 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था। सर्वे में कहा गया है कि 2021-22 की प्रत्येक तिमाही में अर्थव्यवस्था 21.1 फीसदी, 9.1 फीसदी, 5.9 फीसदी और 5.5 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी।
राजकोषीय मोेर्च पर देना होगा ध्यान
वर्चुओसे इकनॉमिक्स के निदेशक शेर मेहता ने कहा, विकास को बढ़ावा देने के लिए राजकोषीय समर्थन की जरूरत है। इसके बिना भारतीय अर्थव्यवस्था के कोविड-19 के पूर्व स्तर पर पहुंचने की संभावना नहीं है। हालांकि, अर्थव्यवस्था में पूंजी प्रवाह बनाए रखने के लिए सरकार और आरबीआई ने कदम उठाए हैं। केंद्रीय बैंक मार्च, 2020 के बाद रेपो दर में 115 आधार अंकों की कटौती कर चुका है।
वहीं, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज पीडी के वरिष्ठ अर्थशास्त्री अभिषेक उपाध्याय ने कहा, तंग राजकोषीय नीति संभावित विकास को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए राजकोषीय मोर्चे पर ध्यान देना होगा।