अनोखी शुरुआत: इस भारतीय कंपनी के कर्मचारियों को दहेज लेना पड़ेगा महंगा, डिमांड करने पर जा सकती है नौकरी
शारजाह स्थित एरीज़ ग्रुप एंड कंपनी ने इस साल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर नई नीति की घोषणा की। दहेज विरोधी नीति को इसी सप्ताह अमलीजामा पहनाया गया है। इसमें नीति तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का भी जिक्र किया गया है।
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भारत समेत दुनिया में दहेज लेने वाले लोगों के लिए एक कंपनी ने अनोखी शुरुआत की है। शारजाह स्थित एरीज़ ग्रुप एंड कंपनी ने अपने कर्मचारियों पर दहेज विरोधी नीति लागू किया है। यानी इस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी अगर दहेज की मांग करेंगे तो उन्हें नौकरी से भी हाथ धोनी पड़ेगी और उनपर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। कंपनी के देशों में कारोबार चल रहा है। कंपनी के संस्थापक और सीईओ सोहन रॉय दुनिया में पहली बार है कि किसी संस्था द्वारा दहेज विरोधी नीति को रोजगार एग्रीमेंट का हिस्सा बनाया गया है। और एक भारतीय संस्थान के रूप में, हमें इस पर बहुत गर्व है।
गौरतलब है कि इसी साल 8 मार्च को महिला दिवस के मौके पर कंपनी ने देहज विरोधी कानून का प्रस्ताव रखा था। इसी सप्ताह कंपनी ने इसे लागू किया है। 16 देशों में कंपनी की शाखाओं में काम करने वाले भारतीयों सहित सभी कर्मचारियों के बीच इस नीति को मजबूती से लागू की गई है। नए नियमों के अनुसार, भविष्य में दहेज लेने या देने वाले किसी भी कर्मचारी को आगे काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दहेज विरोधी जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश
कंपनी में काम कर रहे कर्मचारियों को एग्रीमेंट रिन्युअल कराने के लिए पहले इस दहेज विरोधी नीति पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही दहेज विरोधी जागरूकता अभियान चलाने को भी निर्देश जारी किया गया है। कंपनी का मालिक सोहन रॉय मूलत केरल के रहने वाले हैं। सोहन रॉय की इस पहल पर केरल के मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जाहिर की है।