फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indian Army denies 'incursion' by China after stand-off over construction work in Ladakh

लद्दाख में चीनी सेना की घुसपैठ से भारतीय सेना का इनकार

Fri, 04 Nov 2016 12:22 PM IST
टीम डिजिटल/ ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली/ श्रीनगर
टीम डिजिटल/ ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली/ श्रीनगर Updated Fri, 04 Nov 2016 12:22 PM IST
विज्ञापन
Indian Army denies 'incursion' by China after stand-off over construction work in Ladakh
indo-china army - फोटो : getty
लेह से करीब 250 किलोमीटर पूर्व में स्थित लद्दाख डिवीजन के डेमचोक सेक्टर में भारत और चीन की सेना आमने-सामने आ गई। भारत की ओर से डेमचोक सेक्टर में मनरेगा के तहत सिंचाई के लिए नहर की खुदाई का काम करवाया जा रहा था।
विज्ञापन


जानकारी मिलने के बाद चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिक निर्माण स्थल पर पहुंचे और काम बंद करवा दिया। हालांकि भारतीय सेना ने चीनी सेना की घुसपैठ से इनकार किया है। सेना की उत्तरी कमान ने एक ट्वीट कर कहा है कि, दोनों तरफ से सीमा पर जारी निर्माण कार्य को लेकर जो भी समस्या थी उसे बॉर्डर पर्सनल मीटिंग (बीपीएम) में सुलझा लिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने भी कहा कि अगर इस तरह की कोई भी घटना हुई है तो उसे स्थापित तंत्र के माध्यम से हल की जाएगी।
विज्ञापन



सैन्य सूत्रों के मुताबिक, करीब 55 चीनी सैनिकों ने जबरदस्ती काम बंद करवाया। चीनी सैनिकों द्वारा नहर निर्माण कार्य में जुटे कर्मियों और मजदूरों को डरा धमकाकर काम बंद करवाने की सूचना मिलने पर आईटीबीपी और सेना के करीब 70 जवान भी मौके पर पहुंचे। इस मामले में वरिष्ठ सैन्य अफसरों ने हालांकि, किसी तरह के विवाद से इनकार किया है। कहा गया है कि मामले को तय प्रक्रिया के तहत सुलझा लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले भी हुई थी तनातनी

Indian Army denies 'incursion' by China after stand-off over construction work in Ladakh

भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवानों के मौके पर पहुंचते ही चीनी सैनिकों ने पोजीशन ले ली। वे लगातार इस बात पर अड़े रहे कि उनके क्षेत्र में निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। चीनी सैनिकों का कहना है कि दोनों देशों में एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर शांति बहाली बनाए रखने के लिए किए गए समझौते के मुताबिक बिना दूसरे देश को सूचित किए कोई भी निर्माण कार्य नहीं करवाया जा सकता।

वहीं, भारतीय सेना का दावा है कि निर्माण विवादित क्षेत्र में नहीं बल्कि भारतीय क्षेत्र में करवाया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा गया कि समझौते के मुताबिक दूसरे देश को सिर्फ सुरक्षा ढांचा संबधित निर्माण कार्य की जानकारी ही देनी होती है। नहर के निर्माण से सुरक्षा ढांचे का कोई संबंध नहीं है। भारतीय सेना की ओर से चीन की सेना को भारी विरोध के बावजूद एक इंच भी आगे नहीं आने दिया गया है।

पहले भी हुई थी तनातनी
इससे पहले 2014 में भी निलुंग नाला इलाके में भी भारत की ओर से मनरेगा के तहत नहर का निर्माण करवाए जाने के बाद दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गईं थीं। चीनी सेना द्वारा ताशीगांग गांव के लोगों को भी वहां से भगा दिया गया था और इलाके में अपने टेंट गाड़ दिए गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed