फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India would not have faced reverses in 1962 war if country had strong leadership: Arunachal Governor 

1962 की जंग: देश में मजबूत नेतृत्व होता तो चीन से नहीं होती पराजय, अरुणाचल के राज्यपाल ने कही यह बात

Sat, 20 Nov 2021 08:36 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, ईटानगर
पीटीआई, ईटानगर Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 20 Nov 2021 08:36 PM IST
सार

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में स्थित सेना की राजपूत रेजिमेंट की 14 वीं बटालियन में सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल मिश्रा ने यह बात कही। 

विज्ञापन
India would not have faced reverses in 1962 war if country had strong leadership: Arunachal Governor 
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल व पूर्व ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा - फोटो : ANI

विस्तार

भारत को 1962 की जंग में चीन के सामने पराजय का सामना करना पड़ा था। यह दंश रह रहकर सामने आता है। अब अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल व पूर्व ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा ने कहा कि यदि उस वक्त देश में मजबूत नेतृत्व होता तो देश को हार का सामना नहीं करना पड़ता। रिटायर्ड ब्रिगेडियर मिश्रा ने शनिवार सेना के जवानों से आह्वान किया वे सीमाओं पर किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहें। 

विज्ञापन


अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में स्थित सेना की राजपूत रेजिमेंट की 14 वीं बटालियन में सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल मिश्रा ने यह बात कही। राजभवन द्वारा जारी बयान के अनुसार राज्यपाल ने कहा कि देश को अपनी रक्षा में कभी कमी नहीं करना चाहिए। 
विज्ञापन


राज्यपाल मिश्रा ने कहा कि अब स्थिति बदल गई है। भारत की सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक है। हालांकि हमें अपने सैन्य ताकत में कभी कमी नहीं करना चाहिए। हर जवान को हमारी सीमाओं पर किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए अवश्य तैयार रहना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीएम मोदी हमेशा जवानों की करते हैं चिंता
पूर्व ब्रिगेडियर मिश्रा ने यह भी कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार सेना के जवानों की भलाई के लिए हमेशा चिंतित रहती है। सुरक्षा बलों को लेकर सरकार के रवैए में बड़ा बदलाव आया है। अब शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व सुरक्षा बलों के कल्याण के लिए बहुत विचार करता है। 


1965 के युद्ध में कंपनी कमांडर थे राज्यपाल
राज्यपाल मिश्रा ने 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध में राजपूत रेजिमेंट की ओर से भाग लिया था। तब वे कंपनी कमांडर थे। उन्होंने बटालियन व इसके जवानों की बहादुरी की जमकर तारीफ की।  उन्होंने जवानों से अनुशासन कायम रखने, खुद को मजबूत बनाने और नागरिकों के साथ मधुर रिश्ते बनाने के भी अपील की। उन्होंने कहा कि यदि वर्दी वाला व्यक्ति अनुशासित है तो वह अपने सारे प्रयासों में कामयाब होगा। रेजिमेंट की तारीफ करने के साथ ही पूर्व ब्रिगेडियर मिश्रा ने इस मौके पर रेजिमेंट के 'बड़े खाने' में अपनी ओर से योगदान भी दिया। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed