लद्दाख में एलएसी तक सड़क संपर्क बेहतर बनाने में जुटा भारत
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भारत लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) तक सड़क संपर्क बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है। अक्सर खराब मौसम और दुर्गम इलाका होने के चलते यहां मुश्किलों से जूझना पड़ता है। इस इलाके में काराकोरम पर्वत श्रेणियों से होकर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा को भी गुजारा जा रहा है। इसका निर्माण भी चल रहा है।
इसके मद्देनजर भारत ने सामरिक महत्व की बुनियादी सड़क को बेहतर बनाने की दिशा में काम शुरू किया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने 55 किमी के दुर्गम सड़क को बेहतर बनाने के लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) से सलाह मांगी है। खासकर एलएसी को जाने वाली ससोमा से सासेर ब्रांगसा तक सड़क खराब मौसम के चलते काफी प्रभावित हो जाती है।
चीन-पाक आर्थिक गलियारा पर भारत बेहद करीब से निगाह रखे हुए है। दुनिया के सबसे दुर्गम इलाके से होकर गुजरने वाला यह गलियारा चीन को पाकिस्तान से जोड़ेगा। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि सड़क की दूरी कम होनी चाहिए। हालांकि यह इलाका बेहद दुर्गम है। आलम यह है कि लगातार भूस्खलन, कड़ाके की ठंड और बर्फ के चलते सात महीने से ज्यादा समय तक यह रास्ता बंद रहता है।
पीएमओ स्तर की कमेटी कर रही निगरानी
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीएमओ स्तर की कमेटी इस परियोजना की निगरानी कर रही है। इस सड़क को एलएसी के लिए वैकल्पिक रास्ते के रूप में माना जा रहा है। सीआरआरआई के डायरेक्टर का कहना है कि हमने बीआरओ को सड़क के लिए कम और लंबी अवधि के उपाय सुझाए हैं।
कम अवधि के उपाय के तहत बर्फबारी से बचने वाली छत बनाने की सलाह दी गई है, जबकि लंबी अवधि के उपाय के तहत भूस्खलन से बचाने के लिए हर मौसम में सड़क बनाने को सुझाया गया है।