पाकिस्तान के हत्फ-9 मिसाइल की काट तैयार करने में जुटा भारत
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पाकिस्तान के हाल में तैयार किए गए हत्फ-9 जैसे गैर सामरिक नाभकीय हथियारों की काट के लिए भारत एनबीसी कवच तैयार कर रहा है। न्यूक्लियर बायोलॉजिकल व केमिकल (एनबीसी) कवच युद्ध की अगली पंक्तियों के सैनिकों को नाभकीय रसायनिक और जैविक हमले से सुरक्षा देगा।
रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने डीएसी की बैठक में इस प्रोजेक्ट के लिए फिलहाल 12000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया के तहत काम कर रहा है।
रक्षा मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि पाकिस्तान ने हाल ही में हत्फ-9 नाम का कम रेंज वाला मिसाइल (शार्ट रेंज बैलेस्टिक मिसाइल) तैयार किया है, जिसमें कम वजन वाले नाभकीय बम को ले जाने की क्षमता है।
इसे भारत के साथ युद्ध में दूसरे परंपरागत मिसाइल की तरह इस्तेमाल किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि अन्य हथियारों की तरह युद्ध में इस्तेमाल होने वाले ऐसे मिसाइल को गैर सामरिक नाभकीय मिसाइल कहा जाता है।
पाकिस्तान ने गैर सामरिक नाभकीय मिसाइल का जखीरा तैयार किया है
दरअसल पाकिस्तान ने भारत के अति आक्रामक कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत के जवाब में गैर सामरिक नाभकीय मिसाइल का जखीरा तैयार किया है। इसे आम बोलचाल में नसर नाम दिया गया है।
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान की नाभकीय प्रतिस्पर्धा दरअसल सामरिक स्तर की है, जो हमले से ज्यादा परस्पर भय दिखा कर हमला रोकने के मकसद से दोनों देशों ने तैयार कर रखा है। लेकिन छोटे स्तर के गैर सामरिक नाभकीय हथियार ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं।
शुरुआत में यह कवच 1500 आर्मर्ड पर्सनल कैरियर (एपीएस) में लगाया जाएगा, जिससे कि नाभकीय हमले की स्थिति में सीमा पर तैनात अगली पंक्ति को सुरक्षा दी जा सके। एनबीसी कवच का डिजाइन डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) तैयार कर रहा है। इसका निर्माण भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीइएल) करेगी।