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भारत के इन 10 राज्यों में वैध है गौहत्या, 18 में है रोक

Fri, 31 Mar 2017 05:21 PM IST
बीबीसी हिंदी.कॉम
बीबीसी हिंदी.कॉम Updated Fri, 31 Mar 2017 05:21 PM IST
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India: 10 states have legalised cow slaughter, 18 banned it
अब गुजरात में गौ हत्या करने वालों को उम्र कैद की सजा हो सकती है। राज्य विधानसभा ने गुजरात पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2011 शुक्रवार को पारित कर दिया। इस अधिनियम के कानून बन जाने पर किसी भी आदमी को बीफ ले जाने पर भी उम्र कैद की सजा हो सकती है।
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इसके अलावा बीफ लाने- ले जाने और गाय काटने पर एक लाख रुपए से पांच लाख रुपए तक का जुर्माना भी लग सकता है। इसके पहले साल 2011 में कानून बना कर गाय लाने-ले जाने, काटने और बीफ बेचने पर रोक लगा दी गई थी। उस समय राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी थे। नया संशोधन अधिनियम शनिवार को ही लागू हो जाएगा।
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भारतीय संस्कृति

गुजरात के गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने कहा, "गौ माता भारतीय संस्कृति की प्रतीक है। राज्य के लोगौं से सलाह मशविरा कर ही ये बदलाव किए गए हैं।" मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने कहा कि कानून में संशोधन गौ हत्या से जुड़े लोगौं से 'सख्ती' से निपटने के लिए किया गया है। नए संशोधनों के तहत इससे जुड़े सभी अपराध अब गैर जमानती हो गए। इसके साथ ही सरकार उन गाड़ियों को भी जब्त कर लेगी, जिनमें बीफ ले जाया जाएगा।
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कोई प्रतिबंध नहीं

India: 10 states have legalised cow slaughter, 18 banned it
भारत के 29 में से 10 राज्य ऐसे हैं जहां गाय, बछड़ा, बैल, सांड और भैंस को काटने और उनका गौश्त खाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, बाकि 18 राज्यों में गौ-हत्या पर पूरी या आंशिक रोक है। भारत की 80 प्रतिशत से ज्यादा आबादी हिंदू है जिनमें ज्यादातर लोग गाय को पूजते हैं। लेकिन ये भी सच है कि दुनियाभर में 'बीफ' का सबसे ज्यादा निर्यात करनेवाले देशों में से एक भारत है।

दरअसल 'बीफ', बकरे, मुर्गे और मछली के गौश्त से सस्ता होता है। इसी वजह से ये गरीब तबकों में रोज के भोजन का हिस्सा है, खास तौर पर कई मुस्लिम, ईसाई, दलित और आदिवासी जनजातियों के बीच। गौ-हत्या पर कोई केंद्रीय कानून नहीं है पर अलग राज्यों में अलग-अलग स्तर की रोक दशकों से लागू है। तो सबसे पहले ये जान लें कि देश के किन हिस्सों में 'बीफ' परोसा जा सकता है।

पूरा प्रतिबंध

गौ-हत्या पर पूरे प्रतिबंध के मायने हैं कि गाय, बछड़ा, बैल और सांड की हत्या पर रोक। ये रोक 11 राज्यों - भारत प्रशासित कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महराष्ट्र, छत्तीसगढ़, और दो केन्द्र प्रशासित राज्यों - दिल्ली, चंडीगढ़ में लागू है। गौ-हत्या कानून के उल्लंघन पर सबसे कड़ी सजा भी इन्हीं राज्यों में तय की गई है।

हरियाणा में सबसे ज्यादा एक लाख रुपए का जुर्माना और 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान है। वहीं महाराष्ट्र में गौ-हत्या पर 10,000 रुपए का जुर्माना और पांच साल की जेल की सजा है। हालांकि छत्तीसगढ़ के अलावा इन सभी राज्यों में भैंस के काटे जाने पर कोई रोक नहीं है।

आंशिक प्रतिबंध

India: 10 states have legalised cow slaughter, 18 banned it
गौ-हत्या पर पूरे प्रतिबंध के मायने हैं कि गाय और बछड़े की हत्या पर पूरा प्रतिबंध लेकिन बैल, सांड और भैंस को काटने और खाने की इजाजत है। इसके लिए जरूरी है कि पशु को 'फिट फॉर स्लॉटर सर्टिफिकेट' मिला हो। सर्टिफिकेट पशु की उम्र, काम करने की क्षमता और बच्चे पैदा करने की क्षमता देखकर दिया जाता है।

इन सभी राज्यों में सजा और जुर्माने पर रुख भी कुछ नरम है। जेल की सजा छह महीने से दो साल के बीच है जबकि जुर्माने की अधितकम रकम सिर्फ 1,000 रुपए है। आंशिक प्रतिबंध आठ राज्यों - बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, गौवा और चार केंद्र शासित राज्यों - दमन और दीव, दादर और नागर हवेली, पांडिचेरी, अंडमान ओर निकोबार द्वीप समूह में लागू है।

कोई प्रतिबंध नहीं


दस राज्यों - केरल, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम और एक केंद्र शासित राज्य लक्षद्वीप में गौ-हत्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यहां गाय, बछड़ा, बैल, सांड और भैंस का मांस खुले तौर पर बाजार में बिकता है और खाया जाता है। आठ राज्यों और लक्षद्वीप में तो गौ-हत्या पर किसी तरह को कोई कानून ही नहीं है। असम और पश्चिम बंगाल में जो कानून है उसके तहत उन्हीं पशुओं को काटा जा सकता है जिन्हें 'फिट फॉर स्लॉटर सर्टिफिकेट' मिला हो।

ये उन्हीं पशुओं को दिया जा सकता है जिनकी उम्र 14 साल से ज्यादा हो, या जो प्रजनन या काम करने के काबिल ना रहे हों। वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक इनमें से कई राज्यों में आदिवासी जनजातियों की तादाद 80 प्रतिशत से भी ज्यादा है। इनमें से कई प्रदेशों में ईसाई धर्म मानने वालों की संख्या भी अधिक है।
 
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