भारत में इसी साल होगी 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी, एक लाख गांव बनेंगे डिजिटल गांव
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देश में बढ़ते डिजिटलाईजेशन के दौर में 4जी इंटरनेट स्पीड का अनुभव लेने के बाद अब 5जी स्पेक्ट्रम की ओर बढ़ने की तैयारी जोरों पर है। 2019-20 कैलेंडर ईयर में ही देश में 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी की जा सकती है। इसके अलावा जल्द ही देश के एक लाख गांव भी 'डिजिटल गांव' बन सकते हैं।
दरअसल 5जी को लेकर तैयारियां जोरों पर है, और आने वाले 100 दिनों में 5जी स्पेक्ट्रम की टेस्टिंग शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही इसी साल इसकी नीलामी के लिए भी प्राथमिकता के साथ काम किया जाएगा। 5जी के अलावा एक लाख गांवों को डिजिटल गांव बनाने का काम भी जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि अभी देश में 700 गांव डिजिटल गांव हैं।
क्या है 5जी स्पेक्ट्रम और डिजिटल गांव?
दरअसल भारत में लोग अब तक 4जी नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं, जिसकी अधिकतम स्पीड 60Mbps होती है। नियंत्रित लैब में यह स्पीड 300Mbps तक पहुंच सकती है। लेकिन माना जा रहा है कि 5जी की स्पीड इससे 100 गुना ज्यादा तेज होगी। 5जी नेटवर्क शुरू करने के लिए सबसे पहले 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी जरूरी है। तकनीकि पक्ष से लेकर सब कुछ स्पेक्ट्रम पर ही निर्भर करेगा। भारत से पहले अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्विट्जरलैंड, सऊदी अरब और कुछ अन्य देशों ने 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू कर दी है।
हालांकि 5जी से बिना भी देश भर में डिजिटलीकरण ने गति पकड़ ली है, लेकिन इसके आने के बाद लोगों को और भी ज्यादा फायदा और सुविधाएं मिलेंगी। 5जी की मदद से डिजिटल गांव का निर्माण और भी आसान हो जाएगा। डिजिटल गांव वैसे ग्रामीण क्षेत्र होते हैं जहां कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए हर प्रकार की डिजिटल सुविधा मौजूद होती है। डिजिटल गांव में कैशलेस तकनीक से लेकर मोबाइल बैंकिंग और वेबसाइट तक का सारा काम होता है। अब देखना यह है कि 5जी स्पेक्ट्रम और डिजिटल गांव की तकनीक लोगों के लिए कब तक और क्या नया लेकर आती है।