{"_id":"666ee4c983e076b42005e4cb","slug":"india-to-carry-out-high-altitude-trials-of-indigenous-short-range-air-defence-missiles-2024-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"बढ़ेगी सेना की ताकत: डीआरडीओ ने तैयार की कम दूरी वाली स्वदेशी मिसाइल, अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में होगा परीक्षण","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बढ़ेगी सेना की ताकत: डीआरडीओ ने तैयार की कम दूरी वाली स्वदेशी मिसाइल, अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में होगा परीक्षण
Sun, 16 Jun 2024 06:42 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Sun, 16 Jun 2024 06:42 PM IST
सार
DRDO: डीआरडीओ ने कंधे से दागी जाने वाली और कम दूरी की मारक क्षमता वाली स्वदेशी मिसाइल को तैयार किया है। भारतीय सेना को सौंपने से पहले डीआरडीओ इस मिसाइल का परीक्षण करने की तैयारियों में है।
विज्ञापन
कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल के साथ IAF कमांडो
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय सेना में कंधे पर रखकर दागी जाने वाली मिसाइलों की बड़े पैमाने पर आवश्यकता है। इस बीच रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कंधे से दागी जाने वाली और कम दूरी की मारक क्षमता वाली स्वदेशी मिसाइल को तैयार किया है। इस मिसाइल को भारतीय सेना को सौंपने से पहले डीआरडीओ इसका परीक्षण करने की तैयारियों में है। मिसाइल का परीक्षण उच्च ऊंचाई वाले इलाकों में होगा।
विज्ञापन
बढ़ेगी थल सेना और वायु सेना की ताकत
बता दें कि भारतीय सेना की मांग पर डीआरडीओ ने कम दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइल को तैयार किया है। इन मिसाइलों को अपने बेड़े में शामिल करने से वायु सेना को भी मदद मिलेगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में तेज गति से चलने वाले ड्रोन, लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर जैसे हवाई लक्ष्यों से निपटने के लिए भारतीय वायु सेना को भी ऐसी मिसाइलों की आवश्यकता है।
विज्ञापन
सफल परीक्षण के बाद सेना को सौंपी जाएगी मिसाइल
सफल परीक्षण के बाद इस मिसाइल सिस्टम को सेना को सौंप दिया जाएगा। परीक्षण और आकलन के बाद थल सेना और वायु सेना मिसाइल को अपने बेड़े में शामिल करेगी। डीआरडीओ का यह भी कहना है कि यह मिसाइल प्रणाली कम दूरी के साथ साथ लंबी दूरी के लक्ष्यों को भेदने में भी सक्षम है। अधिकारियों के अनुसार कम दूरी के लक्ष्य भेदने वाली मिसाइल को तैयार कर लिया गया है कि और इस सिस्टम का लगातार नवीनीकरण भी किया जा रहा है। आगे बताया गया है कि भारतीय सेना अपनी बहुत कम दूरी मारक क्षमताओं वाली मिसाइलों की कमी को पूरा करने की कोशिश कर रही है।
विज्ञापन