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Nuclear weapons: भारत ने परमाणु हथियारों पर एक साल में खर्च किए 7799 करोड़ रुपये, कुल नौ देशों ने लुटाए 82.4 अरब डॉलर

Fri, 17 Jun 2022 03:19 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 17 Jun 2022 03:19 AM IST
सार

रक्षा थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) ने दावा किया था कि भारत के पास जनवरी 2022 में 160 परमाणु हथियार थे और ऐसा लगता है कि वह परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ा रहा है। जनवरी 2021 में भारत के पास 156 परमाणु हथियार ही थे।

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India spent Rs 7799 crore on nuclear weapons in one year
परमाणु हथियार (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

परमाणु हथियारों के निर्माण व उनके रख-रखाव पर भारत ने एक साल में करीब एक अरब डॉलर (7799 करोड़ रुपये) से अधिक खर्च किए हैं। वैश्विक परमाणु हथियारों के खात्मे पर आईसीएएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के परमाणु हथियार संपन्न नौ देशों ने 2021 में अपने परमाणु हथियार कार्यक्रमों पर कुल 82.4 अरब डॉलर खर्च किए हैं, जो साल 2020 के मुकाबले आठ प्रतिशत ज्यादा है। 2021 में वैश्विक परमाणु हथियार खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।

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रक्षा थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) ने दावा किया था कि भारत के पास जनवरी 2022 में 160 परमाणु हथियार थे और ऐसा लगता है कि वह परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ा रहा है। जनवरी 2021 में भारत के पास 156 परमाणु हथियार ही थे। पाकिस्तान के पास 165 परमाणु हथियार हैं।
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आईसीएएन के मुताबिक, साल 2021 के हर मिनट में परमाणु हथियारों पर कुल 1,56,841 डॉलर लुटाए गए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि तबाही मचाने के लिए दुनिया किस रफ्तार से आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट मे दावा किया गया है कि सबसे ज्यादा खर्च करने वाला देश अमेरिका था और दुनिया में परमाणु हथियारों पर किए गए कुल खर्च का 50 प्रतिशत से ज्यादा खर्च अकेले अमेरिका ने किया है। इसके बाद चीन, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों ने परमाणु हथियारों पर खर्च किए हैं। परमाणु हथियारों को खत्म करने के अंतरराष्ट्रीय अभियान (आईसीएएन) ने परमाणु खर्च पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है।
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किस देश ने कितने किए खर्च
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने 44.2 अरब डॉलर, चीन ने 11.2 अरब डॉलर, रूस ने 8.6 अरब डॉलर, यूनाइटेड किंगडम ने 6.8 अरब डॉलर, फ्रांस ने 5.9 अरब डॉलर, भारत ने 2.3 अरब डॉलर, इस्राइल ने 1.2 अरब डॉलर, पाकिस्तान ने 1.1 अरब डॉलर और उत्तर कोरिया ने 642 मिलियन डॉलर परमाणु हथियारों के निर्माण और अपग्रेड पर खर्च किए हैं।

परमाणु हथियारों की लॉबिंग पर खर्च
आईसीएएन ने उल्लेख किया कि परमाणु हथियार उत्पादकों ने भी परमाणु हथियारों की लॉबिंग पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक ओर परमाणु हथियार बनाने पर 256 डॉलर खर्च किए गए हैं, तो दूसरी ओर इसका एक हिस्सा लॉबिंग पर खर्च हुआ है। इसके अलावा परमाणु हथियारों निर्माण व उन्हें अपग्रेड में अलग से खर्च किया जाता है।

सभी देश बढ़ा रहे परमाणु हथियार भंडार
रक्षा थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च ने हाल में चेतावनी दी थी कि सभी नौ परमाणु-सशस्त्र देश अपने शस्त्रागार को बढ़ाने या अपग्रेड कर रहे हैं। इस तरह के हथियारों को तैनात किए जाने का जोखिम अधिक दिखाई देता है। फरवरी में यूक्रेन पर हमला करने वाले रूस ने खुलेआम अपने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी भी दी थी।


उत्तर कोरिया ने खर्च किए 642 मिलियन डॉलर
आईसीएएन का अनुमान है कि उत्तर कोरिया ने 2021 में परमाणु हथियारों पर 642 मिलियन डॉलर खर्च किया है, जबकि उसकी अर्थव्यवस्था संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों और महामारी से जुड़ी सीमाओं के बंद होने के कारण संघर्ष कर रही थी। उत्तर कोरिया ने पिछले एक साल में मिसाइल प्रक्षेपण की एक रिकॉर्ड संख्या को अंजाम दिया है। ऐसी चिंताएं हैं कि यह 2017 के बाद फिर से परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, उसके पास 20 परमाणु हथियार हैं।

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