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Clean Energy: 'भारत को 2030 तक स्वच्छ ऊर्जा निर्यातक बनने का लक्ष्य रखना चाहिए', नीति आयोग के पूर्व CEO बोले

Mon, 07 Oct 2024 11:10 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 07 Oct 2024 11:10 PM IST
सार

Clean Energy: नीति आयोग के पूर्व सीईओ ने कहा कि भारत का एजेंडा बहुत स्पष्ट होना चाहिए। हम 180 अरब डॉलर मूल्य के जीवाश्म ईंधन के आयातक हैं, और हमारा लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा का निर्यातक बनना होना चाहिए।

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India should aim to become clean energy exporter by 2030: Amitabh Kant
अमिताभ कांत। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

नीति आयोग के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने सोमवार को कहा कि भारत को 2030 तक 750 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य तय करना चाहिए। एक गोलमेज चर्चा में कांत ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के लिए वैश्विक धन की कोई कमी नहीं है, लेकिन भारत को नवीकरणीय परियोजनाओं के लिए निजी निवेश आकर्षित करने के लिए एस्क्रो अकाउंट जैसी मजबूत वित्तीय प्रणाली स्थापित करने की जरूरत है। 

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उन्होंने कहा, यह बहुत जरूरी है कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संघर्ष समेत तमाम वैश्विक संकटों में अपने अभियान को आगे बढ़ाए। अमेरिका और यूरोप जैसे देशों से व्यापार बाधाएं मुक्त व्यापार और नवीकरणीय ऊर्जा की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं।
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कांत ने कहा, भारतीय एजेंडा बहुत स्पष्ट होना चाहिए। हम 180 अरब डॉलर मूल्य के जीवाश्म ईंधन के आयातक हैं, और हमारा लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा का निर्यातक बनना होना चाहिए। भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली स्थापित क्षमता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान में देश में 424 गीगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता है जिसमें गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों से लगभग 180 गीगावॉट शामिल है।
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कांत ने कहा कि नवीकरणीय उर्जा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए भारत को केवल घरेलू बाजारों से नहीं बल्कि बाहरी स्त्रोतों से भी वित्तीय प्रवाह की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि हरित हाइड्रोजन और इस्पात, सीमेंट और परिवहन जैसे क्षेत्रों को कार्बन मुक्त करने पर फोकस किया जाना चाहिए। इसके लिए डिस्कॉम को नवीकरणीय उर्जा खरीद अनिवार्य करना और निजी क्षेत्र को हरित हाइड्रोजन की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। कांत ने कहा कि भारत की उर्जा अवसंरचना में सुधार करना जरूरी है, जिसमें स्मार्ट ग्रिड, स्मार्ट मीटर और हरित उर्जा कॉरिडोर शामिल हैं। 

उन्होंने बताया कि भविष्य की नवीकरणीय उर्जा के लिए पंप और बैटरी स्टोरेज दोनों महत्वपूर्ण हैं, खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों और हरित हाइड्रोजन से संचालित लंबी के दूरी के परिवहन के लिए। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के मुताबिक, भारत को 20230 तक अपने नवीकरणीय उर्जा लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 27 गीगावॉट बैटरी स्टोरेज क्षमता की जरूरत होगी। 

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