उपलब्धि : पोलियो से कोरोना तक भारत ने स्थापित किए नए कीर्तिमान, आयुष्मान भारत के तहत 3.11 करोड़ नागरिकों को दी जा रहीं स्वास्थ्य सेवाएं
लगातार तीन साल पोलियो का कोई मामला सामने न आने पर भारत को 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया गया। पोलियो से लेकर कोरोना तक, देश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जो लक्ष्य हासिल किए गए, उन्हें केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर देश के सामने रखा।
विस्तार
कोरोना महामारी में भारत ने विश्व का सबसे बड़ा और तेज टीकाकरण अभियान चलाया, जिसमें अब तक 185 करोड़ कोविड टीके की डोज दी गई हैं। आयुष्मान भारत के तहत आज 3.11 करोड़ नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य देखभाल योजना है।
लगातार तीन साल पोलियो का कोई मामला सामने न आने पर भारत को 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया गया। पोलियो से लेकर कोरोना तक, देश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जो लक्ष्य हासिल किए गए, उन्हें केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर देश के सामने रखा। पेश है रिपोर्ट।
सुरक्षित मातृत्व, सुरक्षित प्रसव
गर्भवती महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान 2016 में शुरू हुआ था। इसमें अब तक 3.19 करोड़ महिलाओं की जांच हो चुकी हैं।
- 2014 के मुकाबले 2019 तक प्रसव के दौरान महिलाओं की मौतों में 25 फीसदी गिरावट आई। 2015-16 में देश में 81 फीसदी प्रसव डॉक्टरों की निगरानी में हो रहे थे।
- 2019-21 तक यह आंकड़ा 89.4 फीसदी तक पहुंचाया गया। संस्थागत प्रसव यानी अस्पतालाें व चिकित्सा केंद्रों पर 2015-16 तक 78.9 फीसदी प्रसव हो रहे थे। 2019-21 तक इसे भी 88.6 फीसदी कर दिया गया है।
86,200 करोड़ का स्वास्थ्य बजट प्रावधान
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट में 86,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका विशेष फोकस मानसिक स्वास्थ्य रखा गया है। पीएम आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को सात गुना ज्यादा बजट आवंटित किया गया। 2021-22 में यह 30 करोड़ था, इसे 200 करोड़ तक पहुंचाया।
कोविड टीकाकरण
कोविड का पहला मामला मिलने के 11 महीने के भीतर भारत ने कोवाक्सिन और कोविशील्ड टीका तैयार किया। कोवाक्सिन भारत का तीसरा टीका था, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी असरदार बताया। विश्व का पहली डीएनए आधारित टीका जाइकोव-डी घरेलू तकनीक से विकसित किया गया।
185 करोड़ टीकों के लिए 16 जनवरी 2021 से निशुल्क टीकाकरण अभियान शुरू किया गया।
टीकाकरण के लिए कोविन एप पर पंजीकरण और शेड्यूल तय किए गए। प्राथमिकता तय करके ज्यादा कोरोना के ज्यादा जोखिम में आ रहे नागरिकों व स्वास्थ्य कर्मियों को सबसे पहले टीके दिए गए। 18 वर्ष से अधिक उम्र के 97 प्रतिशत नागरिकों को 6 अप्रैल 2022 तक एक डोज दी जा चुकी है।
ई-संजीवनी
भारत ने ई-संजीवनी के रूप में टेली-कंसल्टेशन शुरू किया, जिसके जरिये अब तक 3 करोड़ मरीजों को देखा जा चुका है।
चिकित्सा शिक्षा
2013-14 के मुकाबले 2021-22 तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या 55 प्रतिशत बढ़ाई गई। एमबीबीएस सीटें 75%, पीजी सीटों में 93% वृद्धि की गई। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के जरिए नागरिकों को दवाएं मुहैया करवाने के लिए स्टोर्स बढ़ाए गए। 2015-16 में इनकी संख्या 86 थी। 2021-22 में यह बढ़कर 8,613 पहुंच चुकी है।
पीएम ने कहा-हमारा ग्रह सुरक्षित
‘आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम्’। विश्व स्वास्थ्य दिवस की शुभकामनाएं। आशा करता हूं कि सभी को अच्छी सेहत मिले। आज स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता दर्शाने का दिन है। उन्हीं की मेहनत की वजह से हमारा ग्रह सुरक्षित है। -नरेंद्र मोदी, पीएम