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गुहार: भारत ने कोरोना वैक्सीन और उपकरणों के पेटेंट में मांगी छूट, अमेरिका ने कही यह बात
Sat, 08 May 2021 09:54 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 08 May 2021 09:54 AM IST
सार
पिछले साल अक्टूबर में भारत और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों ने विश्व व्यापार संगठन के सामने एक प्रस्ताव रखा था कि जबतक कोरोना महामारी पर काबू नहीं पा लिया जाता, तबतक वैक्सीन उत्पादन पर से पेटेंट हटा दिया जाए।
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Corona medicine
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना के खिलाफ लड़ाई तेज करने में भारत ने एक बार फिर मोर्चा संभाला है। भारत ने विश्व व्यापार संगठन से वैक्सीन से पेंटेंट हटाने के अलावा कोरोना से जुड़ी दवाओं और उपकरणों से भी पेंटेंट खत्म करने की मांग की है। भारत का मानना है कि कोरोना खत्म करने के लिए दवाओं और मेडिकल उपकरणों से भी पेटेंट को हटा देना चाहिए, जिससे जल्द से जल्द संक्रमण को रोका जा सकता है। दरअसल, पूरी दुनिया पिछले साल से कोरोना महामारी की चपेट में है। इस महामारी से बचने का एक मात्र उपाय टीकाकरण है, लेकिन टीके का उत्पादन उतना नहीं हो पा रहा जितना होना चाहिए था।
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अमेरिका ने पेटेंट हटाने का किया समर्थन
पिछले साल अक्टूबर में भारत और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों ने विश्व व्यापार संगठन के सामने एक प्रस्ताव रखा था कि जबतक कोरोना महामारी पर काबू नहीं पा लिया जाता, तबतक वैक्सीन उत्पादन पर से पेटेंट हटा दिया जाए। इससे जल्द ही टीके का उत्पादन बढ़ेगा और बड़ी आबादी को वैक्सीन लग पाएगी। भारत और दक्षिण अफ्रीका के प्रस्ताव पर लंबे समय तक विचार विमर्श किया गया, लेकिन कोरोना की दूसरी और तीसरी लहर से जब दुनिया हलाकान होने लगी तो कई देशों ने खुले तौर पर इस प्रस्ताव का समर्थन किया। जो बाइडेन सरकार ने भी बयान जारी कर वैक्सीन से पेंटेंट को हटाने का समर्थन किया।
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वैक्सीन और दवाओं पर छूट क्यों जरूरी है?
कोरोना महामारी का फैलाव विकासशील और गरीब देशों में तेजी से हो रहा है। इसे रोकने के लिए दवाएं, मेडिकल उपकरण और टीके की कमी है। जिन देशों ने दवाओं पर पेंटेंट करा रखा है उसपर उस कंपनी का अधिकार होता है कि वह किस देश को दे या नहीं दें। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो विकसित देशों ने अपने पास कई गुना ज्यादा वैक्सीन स्टॉक कर रखा है, जिससे विकासशील देशों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पेटेंट में छूट से वैक्सीन के अलावा अन्य मेडिकल उत्पादों को पूरी दुनिया में आसानी से उपलब्ध कराया जा सकता है और वक्त रहते कोरोना को रोका जा सकता है।
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