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Defense Expo 2018 में दिख रही है रक्षा क्षेत्र में भारत की ताकत
शशिधर पाठक, अमर उजाला, चेन्नई
Updated Thu, 12 Apr 2018 12:22 PM IST
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12 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के महाबलिपुरम के पास आयोजित रक्षा प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह पहली है जब प्रधानमंत्री रक्षा क्षेत्र के वैज्ञानिकों, तकनीशियनों, निजी क्षेत्र के इंजीनियरों तथा उद्योगों का मनोबल बढ़ाने के लिए रक्षा प्रदर्शनी में हिस्सा ले रहे हैं। इसके लिए खास तैयारी भी की गई है। पहली बार रक्षा प्रदर्शनी में लाइट एंड साउंड शो आयोजित किया जा रहा है। यह लाइट एंड साउंड शो प्रधानमंत्री की उपस्थिति में होगा और इसके बाद आम लोगों को भी इसे दिखाया जाएगा।
लाइट एंड साउंड शो मुंबई की विस्क्राफ्ट की देख रेख में हो रहा है। इस लाइट एंड साउंड शो को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी काफी उत्साहित हैं। सूत्र बताते हैं कि इसके बारे में वह प्रधानमंत्री को भी अवगत करा चुकी हैं।
इंडिया पैवेलियन में होगा शो
लाइट एंड साउंड शो इंडिया डेफ एक्सपो -2018 के हाल नंबर 8 में होगा। इसमें डीआरडीओ द्वारा विकसित की गई मिसाइल, एचएएल के हेलीकाप्टर ध्रुव, एलसीए, तथा मिसाइलों के प्रोटोटाइप, तोप के जरिए तकनीक और ताकत का प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, डीआरडीओ के प्रमुख, ब्रह्मोस मिसाइल कार्यक्रम के प्रमुख डा. सुधीर मिश्रा समेत तीनों सेनाओं के जनरल और अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस लाइट एंड साउंड शो को काफी यादगार बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय के अधिकारी लगातार होमवर्क कर रहे हैं।
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काफी ऊंचाइयां पा गया डिफेंस एक्सपो
कम समय में ही डेफ एक्सपो ने रिकार्ड ऊंचाइयों को छू लिया है। इसका ताजा उदाहरण डेफ एक्सपो 2018 में देखने को मिला। 2.90 लाख स्क्वायरफीट में फैले डेफ एक्सपो में 47 देशों की जानी मानी कंपनियों ने हिस्सा लिया है। रूस, ब्रिटेन, स्वीडेन, फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका, कोरिया जैसे देशों के हथियार, साजो सामान, उसके प्रोटोटाइप शो केस सजे हैं।
पीएम बताइए कैसी मेक इंडिया चाहिए
डेफ एक्सपो की पूरी थीम मेक इन इंडिया है। सभी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां देशी कंपनियों से टाईअप कर रही हैं। हर अंतरराष्ट्रीय कंपनी के स्टाल पर किसी न किसी रूप में मेक इन इंडिया का मैकेनिकल शेर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अमेरिका, फ्रांस की राफेल या रूस की रोसोबोरोन एक्सपोर्ट भी भारत में ही अपने रक्षा साजो सामान को तैयार करने के लिए खुली सहमति दे रही हैं।
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लाइट एंड साउंड शो मुंबई की विस्क्राफ्ट की देख रेख में हो रहा है। इस लाइट एंड साउंड शो को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी काफी उत्साहित हैं। सूत्र बताते हैं कि इसके बारे में वह प्रधानमंत्री को भी अवगत करा चुकी हैं।
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इंडिया पैवेलियन में होगा शो
लाइट एंड साउंड शो इंडिया डेफ एक्सपो -2018 के हाल नंबर 8 में होगा। इसमें डीआरडीओ द्वारा विकसित की गई मिसाइल, एचएएल के हेलीकाप्टर ध्रुव, एलसीए, तथा मिसाइलों के प्रोटोटाइप, तोप के जरिए तकनीक और ताकत का प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, डीआरडीओ के प्रमुख, ब्रह्मोस मिसाइल कार्यक्रम के प्रमुख डा. सुधीर मिश्रा समेत तीनों सेनाओं के जनरल और अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस लाइट एंड साउंड शो को काफी यादगार बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय के अधिकारी लगातार होमवर्क कर रहे हैं।
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काफी ऊंचाइयां पा गया डिफेंस एक्सपो
कम समय में ही डेफ एक्सपो ने रिकार्ड ऊंचाइयों को छू लिया है। इसका ताजा उदाहरण डेफ एक्सपो 2018 में देखने को मिला। 2.90 लाख स्क्वायरफीट में फैले डेफ एक्सपो में 47 देशों की जानी मानी कंपनियों ने हिस्सा लिया है। रूस, ब्रिटेन, स्वीडेन, फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका, कोरिया जैसे देशों के हथियार, साजो सामान, उसके प्रोटोटाइप शो केस सजे हैं।
पीएम बताइए कैसी मेक इंडिया चाहिए
डेफ एक्सपो की पूरी थीम मेक इन इंडिया है। सभी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां देशी कंपनियों से टाईअप कर रही हैं। हर अंतरराष्ट्रीय कंपनी के स्टाल पर किसी न किसी रूप में मेक इन इंडिया का मैकेनिकल शेर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अमेरिका, फ्रांस की राफेल या रूस की रोसोबोरोन एक्सपोर्ट भी भारत में ही अपने रक्षा साजो सामान को तैयार करने के लिए खुली सहमति दे रही हैं।