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Hindi News ›   India News ›   India’s elephant numbers fall by 18% to 22446, but Centre says ‘not comparable’ to past estimate

SAIEE Report: जंगली हाथियों की संख्या 18 फीसदी कम हुई; देश में पहली बार हुई डीएनए आधारित गणना में खुलासा

Wed, 15 Oct 2025 06:47 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Wed, 15 Oct 2025 06:47 AM IST
सार

पर्यावरण मंत्रालय, प्रोजेक्ट एलीफेंट और भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से किया गया 2025 का यह सर्वेक्षण भविष्य की निगरानी और संरक्षण योजना के लिए एक नयी वैज्ञानिक आधार स्थापित करता है। नई गणना में जमीनी सर्वेक्षण, उपग्रह आधारित मानचित्रण और आनुवंशिक विश्लेषण को मिलाकर तीन चरणीय प्रक्रिया का उपयोग किया गया।
 

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India’s elephant numbers fall by 18% to 22446, but Centre says ‘not comparable’ to past estimate
हाथी - फोटो : mathura

विस्तार

देश में जंगली हाथियों की पहली बार हुई डीएनए आधारित गणना के मुताबिक इनकी संख्या में 18 फीसदी की कमी आई है। इसके मुताबिक, भारत में जंगली हाथियों की संख्या 22,446 है, जो 2017 के 27,312 से कम है। अखिल भारतीय समकालिक हाथी अनुमान (एसएआईईई) 2025 के अनुसार भारत में जंगली हाथियों की संख्या 18,255 से 26,645 के बीच होने का अनुमान है, जिसका औसत 22,446 है।

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सरकार ने 2021 में सर्वेक्षण शुरू होने के लगभग चार साल बाद मंगलवार को लंबे समय से लंबित रिपोर्ट जारी की। अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट जारी करने में देरी जटिल आनुवंशिक विश्लेषण और आंकड़ों के सत्यापन के कारण हुई। रिपोर्ट में दिए गए क्षेत्रवार आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिमी घाट 11,934 हाथियों के साथ सबसे बड़ा गढ़ बना हुआ है, इसके बाद उत्तर पूर्वी पहाड़ी और ब्रह्मपुत्र का मैदान 6,559 हाथियों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में, मध्यप्रदेश (97) और महाराष्ट्र (63) जैसे राज्यों में हाथियों के छोटे, खंडित झुंड हैं।
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पर्यावरण मंत्रालय, प्रोजेक्ट एलीफेंट और भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से किया गया 2025 का यह सर्वेक्षण भविष्य की निगरानी और संरक्षण योजना के लिए एक नयी वैज्ञानिक आधार स्थापित करता है। नई गणना में जमीनी सर्वेक्षण, उपग्रह आधारित मानचित्रण और आनुवंशिक विश्लेषण को मिलाकर तीन चरणीय प्रक्रिया का उपयोग किया गया।
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शिवालिक पहाड़ियों और गंगा के मैदानों में 2,062 हाथियों का निवास
रिपोर्ट के मुताबिक शिवालिक पहाड़ियों और गंगा के मैदानों में 2,062 हाथियों का निवास है, जबकि मध्य भारत और पूर्वी घाटों में 1,891 हाथी रहते हैं। आंकड़ों के मुताबिक कर्नाटक में सबसे अधिक 6,013 हाथियों का पर्यावास है, जिसके बाद असम (4,159), तमिलनाडु (3,136), केरल (2,785) और उत्तराखंड (1,792) का स्थान है। ओडिशा में 912 हाथी हैं, जबकि छत्तीसगढ़ और झारखंड में संयुक्त रूप से 650 से अधिक हाथी हैं। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे अरुणाचल (617), मेघालय (677), नगालैंड (252) और त्रिपुरा (153) में भी हाथियों की कुछ आबादी है।
 

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