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ISRO: 'इस दिशा में तेजी से काम हो रहा', भारत के 'स्पेस स्टेशन' की महत्वकांक्षी योजना पर बोले पी वीरमुथुवेल
Sat, 10 Feb 2024 04:55 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदगमंडलम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदगमंडलम
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Sat, 10 Feb 2024 04:55 PM IST
सार
अंतरिक्ष में 'स्पेस स्टेशन' की भारत के महत्वकांक्षी योजना पर चंद्रयान-3 निदेशक पी वीरमुथुवेल ने कहा कि यह सही दिशा में आगे बढ़ रही है। पीएम मोदी और इसरो अध्यक्ष पहले ही इस संबंध में कह चुके हैं।
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इसरो
- फोटो : social media
विस्तार
अंतरिक्ष में 'स्पेस स्टेशन' की भारत की महत्वकांक्षी योजना पर चंद्रयान-3 निदेशक पी वीरमुथुवेल ने शनिवार को कहा कि 2035 तक भारत का आंतरिक्ष स्टेशन बनाने और 2040 तक चंद्रमा पर एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को भेजने की महत्वकांक्षी योजना पर सही दिशा में काम हो रहा है। पीएम मोदी और इसरो अध्यक्ष पहले ही कह चुके हैं कि ये बहुत महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं, जो इसरो ने शुरू की हैं और हम इस दिशा में काम कर रहे हैं।
चंद्रयान-3 ने चंद्र दिवस पूरा किया- वीरमुथुवेल
चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान के प्रोपल्शन मॉड्यूल को पृथ्वी की कक्षा में वापस लाने में इसरो की सफलता पर वीरमुथुवेल ने कहा कि जहां तक चंद्रयान-3 का सवाल है। लैंडर और रोवर मिशन ने सफलतापूर्वक एक चंद्र दिवस पूरा किया। इसरो वैज्ञानिक ने कहा कि हमने सफलतापूर्वक हॉप ऑन प्रयोग पूरा किया, जिसमें हमने उसी इंजन का उपयोग किया। जहां हम उतरे थे और फिर से हमने एक पृथ्वी दिवस के लिए पेलोड का संचालन किया। उन्होंने कहा कि हम प्रोपल्शन मॉड्यूल को पृथ्वी की कक्षा में वापस ले आए क्योंकि हमें प्रोपल्शन मॉड्यूल में कुछ प्रणोदक उपलब्ध थे और हमने इसे चंद्रमा की कक्षा से पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक लाकर (अपनी क्षमता) प्रदर्शित किया। प्रणोदन मॉड्यूल, जिसे चंद्रमा के चारों ओर परिक्रमा करनी थी, ने सभी मिशन उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
इनसैट-3डीएस 17 फरवरी को करेंगे लॉन्च
इस बीच, गुरुवार को इसरो ने श्रीहरिकोटा लॉन्चिंग क्षेत्र पर 'इनसैट-3डीएस' को तैनात कर दिया है। 17 फरवरी को शाम 5:30 बजे इस उपग्रह को प्रक्षेपित किया जाएगा। गौरतलब है कि इस उद्देश्य मौसम विज्ञान और आपदा चेतवानी की जानकारी उपलब्ध कराना है। यह पूरी तरह से पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित है। दूसरी ओर, भारत के अंतरिक्ष नियामक इन-स्पेस ने गुरुवार को कहा कि अगले 14 महीनों में करीब 30 उपग्रहों के प्रक्षेपण की तैयारी चल रही है। इसमें सात मिशन गगनयान से जुड़े होंगे।
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चंद्रयान-3 ने चंद्र दिवस पूरा किया- वीरमुथुवेल
चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान के प्रोपल्शन मॉड्यूल को पृथ्वी की कक्षा में वापस लाने में इसरो की सफलता पर वीरमुथुवेल ने कहा कि जहां तक चंद्रयान-3 का सवाल है। लैंडर और रोवर मिशन ने सफलतापूर्वक एक चंद्र दिवस पूरा किया। इसरो वैज्ञानिक ने कहा कि हमने सफलतापूर्वक हॉप ऑन प्रयोग पूरा किया, जिसमें हमने उसी इंजन का उपयोग किया। जहां हम उतरे थे और फिर से हमने एक पृथ्वी दिवस के लिए पेलोड का संचालन किया। उन्होंने कहा कि हम प्रोपल्शन मॉड्यूल को पृथ्वी की कक्षा में वापस ले आए क्योंकि हमें प्रोपल्शन मॉड्यूल में कुछ प्रणोदक उपलब्ध थे और हमने इसे चंद्रमा की कक्षा से पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक लाकर (अपनी क्षमता) प्रदर्शित किया। प्रणोदन मॉड्यूल, जिसे चंद्रमा के चारों ओर परिक्रमा करनी थी, ने सभी मिशन उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
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इनसैट-3डीएस 17 फरवरी को करेंगे लॉन्च
इस बीच, गुरुवार को इसरो ने श्रीहरिकोटा लॉन्चिंग क्षेत्र पर 'इनसैट-3डीएस' को तैनात कर दिया है। 17 फरवरी को शाम 5:30 बजे इस उपग्रह को प्रक्षेपित किया जाएगा। गौरतलब है कि इस उद्देश्य मौसम विज्ञान और आपदा चेतवानी की जानकारी उपलब्ध कराना है। यह पूरी तरह से पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित है। दूसरी ओर, भारत के अंतरिक्ष नियामक इन-स्पेस ने गुरुवार को कहा कि अगले 14 महीनों में करीब 30 उपग्रहों के प्रक्षेपण की तैयारी चल रही है। इसमें सात मिशन गगनयान से जुड़े होंगे।
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