Report: पार्टनर की ऑनलाइन जासूसी करने में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर, डिजिटल हिंसा का नया टूल स्टॉकरवेयर
स्टॉकरवेयर से बचने के लिए सबसे पहले उन एप्स को हटाएं जो इस्तेमाल में नहीं आते। इसके साथ ही सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा फैक्टरी रिसेट विकल्प भी काम आ सकता है।
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पार्टनर की ऑनलाइन जासूसी करने के मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है। पति-पत्नी के अलावा मौजूदा या पूर्व पार्टनर ‘स्टॉकरवेयर’ एप के जरिये एक-दूसरे की ऑनलाइन जासूसी कर रहे हैं। भारत में 2,492 मोबाइल उपयोगकर्ता इसके शिकार मिले हैं।
रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि दुनिया भर में 23 फीसदी लोगों का मानना है कि उनके पार्टनर ने उन पर संबंध बिगड़ने पर बेवफाई साबित करने के लिए ऑनलाइन जासूसी का इस्तेमाल करते हैं। साइबर सिक्योरिटी कंपनी कैस्परस्काई की ओर से जारी ‘स्टेट ऑफ स्टॉकरवेयर रिपोर्ट 2023’ के अनुसार भारत में 2,492 मोबाइल यूजर स्टॉकरवेयर से पीड़ित हैं। रूस 9,890 पीड़ितों के साथ पहले और ब्राजील 4,186 के साथ दूसरे स्थान पर है। सर्वे में शामिल 40 फीसदी लोगों ने माना कि वे ऑनलाइन छेड़छाड़ के शिकार हो चुके हैं।
क्या कहते हैं विषेशज्ञ
विशेषज्ञों के मुताबिक, स्टॉकरवेयर से बचने के लिए सबसे पहले उन एप्स को हटाएं जो इस्तेमाल में नहीं आते। इसके साथ ही सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा फैक्टरी रिसेट विकल्प भी काम आ सकता है। हालांकि, सबसे पहले स्थानीय साइबर अपराध से जुड़ी संस्था की मदद लेनी चाहिए। ऐसे किसी खतरे से बचने के लिए फोन को हमेशा यूनिक पासवर्ड से लॉक रखें और इसे किसी से भी शेयर न करें। कोई भी एप हमेशा अधिकृत सोर्स से ही डाउनलोड करें।