फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India Post directed by forum to pay back consumer 50 paise, plus Rs 15k

Tamil Nadu: 50 पैसे न लौटाना डाक विभाग को पड़ा महंगा, उपभोक्ता आयोग ने दिया 15000 रुपये का भुगतान करने का आदेश

Wed, 23 Oct 2024 04:23 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 23 Oct 2024 04:23 PM IST
सार

Tamil Nadu: जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने हाल ही में 'इंडिया पोस्ट' को आदेश दिया कि वह एक उपभोक्ता को 50 पैसे वापस करे और  उसे मानसिक पीड़ा देने, अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी के लिए 10 हजार रुपये का मुआवजा दे।

विज्ञापन
India Post directed by forum to pay back consumer 50 paise, plus Rs 15k
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

कांचीपुरम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने हाल ही में 'इंडिया पोस्ट' को आदेश दिया कि वह एक उपभोक्ता को 50 पैसे वापस करे और उसे मानसिक पीड़ा देने, अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी के लिए 10 हजार रुपये का मुआवजा दे। इसके अलावा मुकदमेबाजी के लिए 5,000 रुपये का भी भुगतान करे। यह मामला तब हुआ, जब उपभोक्ता माणशा ने पिछले साल 13 दिसंबर को पोझिचलूर पोस्ट ऑफिस में एक पंजीकृत पत्र के लिए 30 रुपये नकद दिए। लेकिन रसीद में सिर्फ 29.50 रुपये ही दिखाए गए। 

विज्ञापन


माणशा ने बताया कि उन्होंने यूपीआई के जरिए सही राशि जमा करने की कोशिश की थी। लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि लाखों का लेन-देन रोजाना होता है और इनका सही ढंग से हिसाब न रखने से सरकार को नुकसान पहुंच सकता है। माणशा ने कहा कि इस स्थिति ने उन्हें गंभीर मानसिक पीड़ा का सामना करने के लिए मजबूर किया। 
विज्ञापन


इंडिया पोस्ट ने डिजिटल भुगतान नहीं किया था स्वीकार
इंडिया पोस्ट ने अपने बचाव में कहा कि तकनीकी समस्याओं के कारण उस समय डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं किया गया था। इसलिए नकद लिया गया। उसने यह भी कहा कि 50 पैसे की राउंडिंग पोस्ट सॉफ्टवेयर द्वारा ऑटोमैटिकली किया गया था।  
विज्ञापन
विज्ञापन


आयोग ने 50 पैसे लौटाने का आदेश दिया
हालांकि, उपभोक्ता आयोग ने सुनवाई के बाद कहा कि पोस्ट ऑफिस द्वारा अतिरिक्त पचास पैसे लेना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत असमान व्यापार प्रथा का उदाहरण है। आयोग ने इंडिया पोस्ट को उपभोक्ता को पचास पैसे लौटाने का आदेश दिया। इसके अलावा, उसे मानसिक पीड़ा देने के लिए 10 हजार रुपये का मुआवजे के साथ-साथ 5,000 रुपये कानूनी खर्च के रूप में देने का आदेश दिया।  


मानसिक पीड़ा के लिए उपभोक्ता ने की थी ढाई लाख रुपये की मांग
आदेश के मुताबिक, इंडिया पोस्ट को इस राशि का भुगतान दो महीने के भीतर करना होगा। माणशा ने 50 पैसे के अलावा मानसिक पीड़ा के लिए 2.5 लाख रुपये और कानून खर्च के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी। लेकिन आयोग ने उनके दावों को खारिज करते हुए केवल 15 हजार रुपये का मुआवजा दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed