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Moon Mission: चंद्रमा को पाने के अब तक 12 देशों ने देखे सपने, 141 में से 59 मिशन हो चुके हैं फेल, जानें इतिहास

Thu, 24 Aug 2023 05:27 AM IST
गुलाम अहमद अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Thu, 24 Aug 2023 05:27 AM IST
सार

अब तक केवल अमेरिका ही चंद्रमा पर मानव भेजने में सफल हुआ है। सोवियत रूस और चीन ने चंद्रमा पर फ्लाय बाय (निकट से गुजरने), ऑर्बिट (परिक्रमा), इंपैक्ट (टक्कर), लैंडर, रोवर और रिटर्न अभियान भेजे, लेकिन मानव को नहीं उतारा।

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India moon landing 12 countries launched 141 moon missions 59 failed
चांद - फोटो : NASA

विस्तार

अंतरिक्ष में पृथ्वी के सबसे निकट नजर आने वाले चंद्रमा को छूने के लिए अब तक 12 देश करीब 141 अभियान चला चुके हैं। इनमें से जहां 59 विफल रहे, तो वहीं पांच में आंशिक सफलता मिली, 69 को सफल अभियान माना गया। इनमें से तीन अभियान भारत की ओर से चलाए गए। हमारा चंद्रयान-1 जहां सफल रहा था, चंद्रयान-2 को आंशिक सफल माना गया है। इस बार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग से भारत का रुतबा सबसे अलग हो गया है।  

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चंद्रमा की ओर दौड़ का परिणाम है कि अमेरिका ने अब तक 59 तो सोवियत रूस ने 58 अभियान चलाए। इसके बाद चीन ने आठ, जापान ने छह और भारत ने तीन अभियान चलाए हैं। एक-एक अभियान यूरोपीय संघ, लक्समबर्ग, इस्राइल, दक्षिण कोरिया, इटली, यूएई और रूस बना चुके हैं। इनमें से केवल अमेरिका ही चंद्रमा पर मानव भेजने में सफल हुआ है। सोवियत रूस और चीन ने चंद्रमा पर फ्लाय बाय (निकट से गुजरने), ऑर्बिट (परिक्रमा), इंपैक्ट (टक्कर), लैंडर, रोवर और रिटर्न अभियान भेजे, लेकिन मानव को नहीं उतारा।
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भारत के लिए अहमियत
भारत ने 22 अक्तूबर, 2008 को चंद्रयान-1 मिशन में ऑर्बिटर और इम्पैक्टर भेजे थे, दोनों सफल थे। चंद्रमा की सतह पर अपना यान टकराने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन गया था। हालांकि चीन ने एक ही साल पहले 22 अक्तूबर 2007 को चांग ई 1 मिशन भेजने में सफलता पाई थी। 14 दिसंबर, 2013 को चांग ई 3 मिशन में लैंडर व रोवर उतारा। अक्तूबर, 2014 में चंद्रमा से सैंपल लाने में भी सफल रहा। वहीं, भारत का चंद्रयान-2 पूरी तरह सफल नहीं रहा। ऐसे में चंद्रयान-3 की सफलता चीन के साथ होड़ में बने रहने के लिए अहम मानी जा रही है।
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होड़ और दौड़ का इतिहास

  • चंद्रमा की ओर अमेरिका ने पृथ्वी का सबसे पहला अभियान 'पायनियर 0' नाम से 17 अगस्त, 1958 को भेजा, लेकिन यह ऑर्बिटर मिशन 16 किमी ऊंचाई पर फट गया।
  • सोवियत रूस ने 23 सितंबर 1958 को लूना अभियान भेजा चंद्रमा पर टक्कर मारने के लिए, विफल रहा।
  • अमेरिका को 3 मार्च, 1959 में पायनियर 4 के जरिये फ्लाय-बाय मिशन में पहली आंशिक सफलता मिली।
  • सोवियत रूस ने 14 सितंबर 1959 को लूना 2 से चंद्रमा पर टक्कर मार कर इतिहास रचा, पहली बार मानव ने अपना यान चंद्रमा पर पहुंचाया।
  • सोवियत रूस ने चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग भी सबसे पहले करवाई, उसका लैंडर मिशन लूना 9 चंद्रमा पर 3 फरवरी, 1966 को उतरा।
  • सोवियत रूस ने पहला सफल ऑर्बिटर मिशन भेजा। 3 अप्रैल, 1966 को उसका लूना 10 चंद्र परिक्रमा करने वाला पहला मिशन बना।
  • अमेरिका को चंद्रमा पर पहली सॉफ्ट लैंडिंग में 2 जून 1966 को सर्वेयर 1 मिशन के जरिये सफलता मिली।
  • अमेरिका को सबसे बड़ी सफलता 20 जुलाई 1969 को अपोलो 11 मिशन के जरिये चंद्रमा पर पहली बार मानव को पहुंचाने और वापस लाने में मिली। अमेरिका ने कुल 6 बार मानव मिशन चंद्रमा पर उतारे, किसी अन्य देश ने ऐसा नहीं किया।
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