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मौसम के पूर्वानमान में भारत से पीछे है अमेरिका ,चीन, जापान और यूरोपीय देश

Fri, 19 May 2017 10:44 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Fri, 19 May 2017 10:44 AM IST
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india is most forward country in forecast of weather
जलवायु परिवर्तन और प्रभावों पर सामूहिक प्रयासों पर चर्चा - फोटो : self
मौसम के पूर्वानमान में दुनिया भर के देशों की तुलना में  भारत  काफी आगे है। यह बात किसी और ने नहीं बल्कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अपर महानिदेशक ने कही है। बीएचयू में आयोजित जलवायु एवं मौसम से संबंधित विषयों पर वो बोल रहे थे।
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बीएचयू के डीएसटी महामना जलवायु परिवर्तन उत्कृष्ट शोध केंद्र की ओर से दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का गुरुवार को उदघाटन हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने जलवायु एवं मौसम से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बतौर मुख्य वक्ता भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अपर महानिदेशक डॉ. अतुल कुमार सहाय ने कहा कि जलवायु, मौसम के पूर्वानुमान में अन्य देशों की तुलना में भारत सबसे आगे हैं।
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बीएचयू के  पशुपालन और डेयरी विभाग के सभागार में आयोजित कार्यशाला में डॉ. सहाय ने कहा कि पूर्वानुमान में भारत की क्षमता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग के जलवायु और मौसम से संबंधित डाटा को उपयोग में लाकर स्वास्थ्य, कृषि, जल एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े विभाग क्षमता का विस्तार कर सकते हैं।
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डॉ. सहाय ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के बनने के बाद से इस दिशा में काम कर रहे कई संस्थाओं की भूमिका की तारीफ की। इसके पूर्व बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो.जीसी त्रिपाठी ने जलवायु एवं पर्यावरण के विषय में मूलभूत विचारधारा और भारतीय संस्कृति को आधार मानते हुए इसमें पश्चिमी तकनीकों के सटीक सामंजस्य पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि जलवायु विज्ञान सिर्फ  एक विषय नहीं है, यह कई विषयों का सार है। ऐसे में जलवायु परिवर्तन और इसके प्रभावों के अध्ययन में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।


बैंकाक से आए डॉ. जी श्रीनिवासन ने जलवायु एवं मौसम पूर्वानुमान के दक्षिण एशियाई क्षेत्र में कार्यान्वयन पर प्रकाश डाला। प्रो. आरके मल्ल के संयोजन में हुए कार्यशाला में आगत अतिथियों का स्वागत पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान की निदेशक प्रो. कविता शाह ने किया। 
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