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भारत ने चीन से सीमा विवाद के हल के लिए मॉस्को समझौता लागू करने पर दिया जोर

एजेंसी, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 27 Feb 2021 02:42 AM IST
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विदेश मंत्री एस जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : ANI

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पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनातनी को लेकर भारत-चीन के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत हुई। इस वार्ता में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ सीमा विवाद के मुद्दे का समाधान निकालने के लिए मॉस्को समझौते को लागू करने जोर दिया।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से की टेलीफोन पर बात
जयशंकर ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन से इतर 10 सितंबर, 2020 में मॉस्को में वांग यी के साथ अपनी बैठक का जिक्र किया, जिसमें भारतीय पक्ष ने सीमा पर आक्रामक बर्ताव और यथास्थिति बदलने की चीन की एकतरफा कोशिश को लेकर चिंता जताई थी।


जयशंकर ने कहा, मॉस्को में पिछले साल हुई इस बैठक में हम इस बात पर सहमत थे कि सीमा पर अभी जो हालात हैं, वे किसी के भी हित में नहीं हैं। इस बैठक में फैसला हुआ था कि दोनों देशों के सीमा पर तैनात सैनिकों को अपनी बातचीत जारी रखेंगे और टकराव वाली जगहों से तेजी से हटेंगे और तनाव घटाने के लिए कदम उठाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक, पिछले सप्ताह वरिष्ठ कमांडरों के बीच 10वें दौर की वार्ता के दौरान क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए भारत ने हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और डेपसांग से सैनिकों को पीछे हटाने पर जोर दिया।

भारत ने दिया भरोसे का मंत्र, वांग ने भी किया समर्थन
बातचीत में भारतीय पक्ष ने रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए तीन आपसी सहमतियों का प्रस्ताव दिया। ये हैं साझा सम्मान, साझी संवेदनशीलता और साझा हित। भारत के इस मंत्र का वांग ने भी समर्थन किया। उन्होंने दोनों पड़ोसियों के बीच संबंधों के दीर्घकालिक दृष्टिकोण की अहमियत पर भी सहमति जताई।

वांग बोले, सीमा विवाद हमारे रिश्तों को बयां नहीं करता
चीनी विदेश मंत्रालय की विज्ञप्ति के मुताबिक वांग ने कहा, सीमा पर विवाद एक हकीकत है और इस पर समुचित ध्यान दिए जाने और इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। हालांकि, सीमा विवाद भारत-चीन के समूचे रिश्तों को बयां नहीं करता है।

हम अपने हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित
वहीं, विदेश मंत्रालय और पुणे इंटरनेशनल सेंटर द्वारा आयोजित एशिया आर्थिक संवाद 2021 को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा, भारत अपने हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है। जब भी सीमा मुद्दे से निपटने की बात आती है, तो इससे प्रभावी तरीके से निपटा जाता है।

भारत द्वारा सीमा पर पैदा हुए हालात से निपटने का उल्लेख करते हुए विदेश मंत्री ने किसी देश का नाम लिए बगैर और बिना और कोई ब्योरा दिए कहा, आप जानते हैं कि हमने वैसा किया, जैसा हमें करना चाहिए था। इस बारे में काफी चर्चाएं हुई हैं और अब भी हो रही हैं।

यह स्वाभाविक है कि लोग ऐसे भी मामलों पर सुझाव देते हैं जिसके बारे में उन्हें कोई खास जानकारी नहीं होती है और यह मानव स्वभाव है। इस सम्मेलन में आस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री मॉरिस पेन ने भी हिस्सा लिया। जयशंकर ने कहा, भारत कोविड-19 महामारी और इसके आर्थिक प्रभावों से भी प्रभावी ढंग से निपटा और और सभी की बातों को सुनते हुए इस दिशा में समुचित कदम उठाए।

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