'कश्मीर' पर यूएन पहुंचा पाक, भारत ने कहा 'कोई तीसरा मंजूर नहीं'
- भारत ने कहा, पाकिस्तान को भारत की विधायी प्रक्रिया में दखल देने का कोई अधिकार नहीं
- मसौदे में भारत का गलत नक्शा पेश करने पर सौ करोड़ तक का जुर्माना और सात साल जेल का है प्रावधान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सरकार के भू-स्थानिक सूचना नियमन विधेयक 2016 के मसौदे में जम्मू-कश्मीर को भारत का अंग दिखाए जाने को लेकर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में शिकायत दर्ज कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान ने शिकायत की है कि भारत विवादित जम्मू-कश्मीर को नक्शे में शामिल कर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहा है। पाकिस्तान के इस रुख पर भारत ने मंगलवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि पाकिस्तान को भारत की विधायी प्रक्रिया में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। सरकार ने अपने मसौदा विधेयक में भारत का गलत नक्शा पेश करने वाले पर सौ करोड़ रुपये तक का जुर्माना और सात साल तक की सजा की सिफारिश की है। पाकिस्तान ने इस विधेयक में विवादित जम्मू-कश्मीर को आधिकारिक नक्शे में शामिल किए जाने पर यूएन में आपत्ति जताई है। पाकिस्तान के विदेश विभाग से जारी बयान के मुताबिक किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा कश्मीर को विवादित क्षेत्र दिखाए जाने पर जुर्माना और सजा का प्रावधान अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप के मुताबिक, भारत कश्मीर के मसले पर पाकिस्तान से सीधे बात करने को तैयार है। लेकिन भारत को पाकिस्तान के इस मसले में तीसरे पक्ष को शामिल करने की बार-बार की जा रही कोशिश स्वीकार्य नहीं है। गौरतलब है कि कश्मीर से संबंधित सभी विवादों पर भारत-पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय स्तर पर बातचीत करने की पेशकश लंबे समय से कर रहा है। लेकिन पाकिस्तान समय-समय पर इस मामले में तीसरे पक्ष को शामिल करने की नीति पर काम कर रहा है। भारत को कश्मीर पर तीसरे पक्ष का दखल मंजूर नहीं।
क्या हैं भू-स्थानिक सूचना नियमन विधेयक-2016
केंद्र सरकार द्वारा भू-स्थानिक सूचना नियमन विधेयक-2016 के मसौदे में किए जा रहे कड़े प्रावधान के तहत भारतीय मानचित्र का गलत चित्रण करने वालों को सात साल तक की जेल और 100 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। मसौदे के अनुसार नक्शे के लिए जानकारी हासिल करने और उसे साइट या एप के जरिए दिखाने के लिए सरकार से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
क्यों पड़ी आवश्यकता :
-हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल की भौगौलिक स्थिति को ट्विटर पर गलत नक्शे के जरिये पाकिस्तान और चीन में दिखाया गया था।
- ऐसी ही गलतियां अक्सर सोशल साइटों पर देखने को मिलती रहती है।
- नवंबर, 2011 में अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत का गलत भारतीय मानचित्र अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के कड़े ऐतराज के बाद अमेरिका ने मानचित्र को वेबसाइट से हटा लिया।
- जून, 2011 में ऑस्ट्रेलियाई सरकार की एक वेबसाइट पर भारत के नक्शे से जम्मू-कश्मीर तथा अरुणाचल प्रदेश को अलग दिखाए जाने पर भारतीय समुदाय ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। विरोध को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने स्वीकार किया कि नक्शे में गलती हुई है और इसे वेबसाइट से हटा लिया।
- एक सुरक्षा प्राधिकरण बनाया जाएगा, जो इस तरह की जानकारी को नियमित कर सकेगा।
- इस प्राधिकरण का प्रमुख केंद्र में संयुक्त सचिव स्तर का अधिकारी होगा। इसके अन्य सदस्यों में एक राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ और एक तकनीकी विशेषज्ञ
शामिल होगा।