फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   india france naval exercise varun with aircraft carrier FNS Charles de Gaulle message to china

भारत-फ्रांस की नौसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास, चीन को संदेश

Fri, 10 May 2019 09:59 PM IST
अमर शर्मा एजेंसी, पणजी
एजेंसी, पणजी Published by: अमर शर्मा Updated Fri, 10 May 2019 09:59 PM IST
विज्ञापन
india france naval exercise varun with aircraft carrier FNS Charles de Gaulle message to china
INS Vikramaditya - फोटो : PTI

भारत और फ्रांस की नौसेना ने विमानवाहक पोत ‘चार्ल्स डे गॉले’ के साथ हिंद महासागर में शुक्रवार को सबसे बड़ा युद्धाभ्यास किया। रणनीतिक रूप से अहम हिंद महासागर के समुद्री मार्गों पर दुनिया की निगाहें टिकी हैं। चीन के बढ़ते आर्थिक प्रभाव और दक्षिण चीन सागर में दबदबे से भारत और फ्रांस चिंतित हैं। ऐसे में इतने व्यापक युद्धाभ्यास को चीन को संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। 

विज्ञापन


फ्रांसीसी पोत की कमान संभाल रहे रियर एडमिरल ओलिवर लेबास ने कहा, ‘यह युद्धाभ्यास 2001 में शुरू हुए अभियान का अब तक का सबसे बड़ा अभ्यास है। हमें लगता है कि हम इस क्षेत्र में स्थिरता ला सकते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए काफी मायने रखता है। एशिया, यूरोप और खाड़ी देशों के बीच ज्यादातर समुद्र के जरिये ही होता है। हिंद महासागर में भारत का पारंपरिक दबदबा चीन के बढ़ते प्रभाव का सामना कर रहा है। चीन ने समुद्री मार्गों के करीब युद्धपोतों और पनडुब्बियों की तैनाती की है। ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ के साथ चीन ने कॉमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा नेटवर्क बनाया है, जिसका भारत ने हमेशा से विरोध किया है। 
विज्ञापन


फ्रांसीसी नौसेना के हेड रियर एडमिरल दिदिर मालटरे ने कहा कि हिंद महासागर में चीन आक्रामक नहीं है, लेकिन दक्षिण चीन सागर में स्थिति अलग है। दरअसल फ्रेंच अधिकारी का इशारा दक्षिण चीन सागर में चीन के दावों को लेकर पड़ोसी देशों के साथ उपजे विवाद पर था। चीन द्वारा नए सिल्क रोड व्यापार गलियारे का निर्माण, जिसमें हिंद महासागर भी शामिल है, एक रणनीति है जो मुख्य तौर पर आर्थिक से ज्यादा किसी और उद्देश्य को लेकर है। अगले 10 से 15 साल में ऐसे हालात बन सकते हैं, जिससे तनाव पैदा हो सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों देशों के 6-6 युद्धपोत और पनडुब्बियां ले रही हिस्सा 

गोवा के तट पर 17वें सालाना युद्धाभ्यास में भाग लेने वाला करीब 42,000 टन का फ्रांसीसी युद्धपोत ‘चार्ल्स डि गॉले’ कुल 12 युद्धपोतों और पनडुब्बियों में से एक है। भारत और फ्रांस के 6-6 युद्धपोत और पनडुब्बियां इसमें भाग ले रही हैं। 




विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed