कश्मीर पर सयुंक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की रिपोर्ट को भारत ने किया खारिज, पाक ने किया स्वागत
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय से जम्मू कश्मीर की स्थिति पर उसकी रिपोर्ट को लेकर भारत ने सोमवार को कड़ा एतराज जताया। इस रिपोर्ट को लेकर भारत ने कहा कि यह झूठ और राजनीति से प्रेरित विमर्श की निरंतरता मात्र है। भारत ने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग पाकिस्तान से होने वाले सीमापार आतंकवाद के मूल मुद्दे की अनदेखी करता है।
बता दें कि, पिछले साल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त (ओएचसीएचआर) ने कश्मीर पर अपनी पहली रिपोर्ट जारी की थी। उसी रिपोर्ट को अपडेट करते हुए उसने दावा किया कि न तो भारत ने और न ही पाकिस्तान ने उठाई गई विभिन्न चिंताओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाया है।
इस रिपोर्ट पर एतराज जताते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के कार्यालय की जम्मू-कश्मीर की स्थितियों पर रिपोर्ट का अपडेट केवल पहले के झूठे और प्रेरित कथनों को आगे बढ़ाने जैसा है।’ उन्होंने कहा कि हमने मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय से इस रिपोर्ट के इस अपडेट को लेकर गहरा एतराज जताया है।
Raveesh Kumar, MEA: The update of the Report of the Office of the United Nations High Commissioner for Human Rights (OHCHR) is merely a continuation of the earlier false and motivated narrative on
the situation in Jammu and Kashmir. pic.twitter.com/5UmpEx9gff — ANI (@ANI) July 8, 2019
उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट में कही गई बातें भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती हैं। इस रिपोर्ट में सालों से पाकिस्तान द्वारा चलाए जा रहे सीमापार आतंकवाद की वजह से बनी स्थिति का विश्लेषण इसके कारणों का उल्लेख किए बिना किया गया है। यह रिपोर्ट दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ आतंकवाद का खुलेआम समर्थन करने वाले देश की बिना किसी आधार के बराबरी करने का काल्पनिक प्रयास भर है।
MEA:Situation created by years of cross-border terrorist attacks from Pakistan has been ‘analysed’ without reference to its causality. Update seems to be contrived effort to create artificial parity b/w world’s largest democracy&a country that practices state-sponsored terrorism. https://t.co/ERjjf2un7F
— ANI (@ANI) July 8, 2019
पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार रिपोर्ट का स्वागत किया
जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान कश्मीर में स्थिति में सुधार में असफल रहे और उसकी पूर्व की रिपोर्ट में जतायी गई कई चिंताओं के समाधान के लिए उन दोनों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाये। पिछले साल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय ने कश्मीर पर अपनी पहली रिपोर्ट जारी की थी।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय से जम्मू कश्मीर की स्थिति पर उसकी रिपोर्ट को लेकर सोमवार को कड़ा एतराज जताया और कहा कि यह ‘झूठ और राजनीति से प्रेरित’ विमर्श की निरंतरता भर है तथा वह पाकिस्तान से होने वाले सीमापार आतंकवाद के मुल मुद्दे की अनदेखी करती है।
भारत ने कहा कि इस रिपोर्ट में कही गयी बातें भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती हैं और उसमें सीमापार आतंकवाद के मूल मुद्दे की अनदेखी की गयी है। पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने रिपोर्ट का स्वागत किया लेकिन कहा कि कश्मीर और पीओके के बीच कोई समानता नहीं है।
कश्मीर में मानवाधिकार के कथित उल्लंघन को दर्ज करने के लिए रिपोर्ट की सराहना करते हुए पाकिस्तान ने दोहराया कि घाटी में मानवाधिकार की स्थिति और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) तथा गिलगित बालटिस्तान में माहौल के बीच कोई तुलना ही नहीं है ।
विदेश कार्यालय ने दावा किया कि कश्मीर दुनिया में सबसे ज्यादा सैन्य मौजूदगी वाला क्षेत्र है जबकि पीओके और गिलगित बालटिस्तान विदेशी सैलानियों के लिए खुला हआ है ।