फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India expresses strong displeasure on UN Human Rights Commission report on Jammu and Kashmir

कश्मीर पर सयुंक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की रिपोर्ट को भारत ने किया खारिज, पाक ने किया स्वागत

Tue, 09 Jul 2019 12:14 AM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Tue, 09 Jul 2019 12:14 AM IST
विज्ञापन
India expresses strong displeasure on UN Human Rights Commission report on Jammu and Kashmir
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार - फोटो : एएनआई

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय से जम्मू कश्मीर की स्थिति पर उसकी रिपोर्ट को लेकर भारत ने सोमवार को कड़ा एतराज जताया। इस रिपोर्ट को लेकर भारत ने कहा कि यह झूठ और राजनीति से प्रेरित विमर्श की निरंतरता मात्र है। भारत ने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग पाकिस्तान से होने वाले सीमापार आतंकवाद के मूल मुद्दे की अनदेखी करता है।

विज्ञापन


बता दें कि, पिछले साल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त (ओएचसीएचआर) ने कश्मीर पर अपनी पहली रिपोर्ट जारी की थी। उसी रिपोर्ट को अपडेट करते हुए उसने दावा किया कि न तो भारत ने और न ही पाकिस्तान ने उठाई गई विभिन्न चिंताओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाया है। 
विज्ञापन


इस रिपोर्ट पर एतराज जताते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के कार्यालय की जम्मू-कश्मीर की स्थितियों पर रिपोर्ट का अपडेट केवल पहले के झूठे और प्रेरित कथनों को आगे बढ़ाने जैसा है।’ उन्होंने कहा कि हमने मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय से इस रिपोर्ट के इस अपडेट को लेकर गहरा एतराज जताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट में कही गई बातें भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती हैं। इस रिपोर्ट में सालों से पाकिस्तान द्वारा चलाए जा रहे सीमापार आतंकवाद की वजह से बनी स्थिति का विश्लेषण इसके कारणों का उल्लेख किए बिना किया गया है। यह रिपोर्ट दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ आतंकवाद का खुलेआम समर्थन करने वाले देश की बिना किसी आधार के बराबरी करने का काल्पनिक प्रयास भर है।

 

पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार रिपोर्ट का स्वागत किया

पाकिस्तान ने सोमवार को जम्मू कश्मीर के हालात पर संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय की रिपोर्ट का स्वागत किया लेकिन कहा कि कश्मीर में मानवाधिकार की स्थिति और पीओके तथा गिलगित-बालतिस्तान में हालात के बीच कोई समानता नहीं है । 

जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान कश्मीर में स्थिति में सुधार में असफल रहे और उसकी पूर्व की रिपोर्ट में जतायी गई कई चिंताओं के समाधान के लिए उन दोनों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाये। पिछले साल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय ने कश्मीर पर अपनी पहली रिपोर्ट जारी की थी। 

भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय से जम्मू कश्मीर की स्थिति पर उसकी रिपोर्ट को लेकर सोमवार को कड़ा एतराज जताया और कहा कि यह ‘झूठ और राजनीति से प्रेरित’ विमर्श की निरंतरता भर है तथा वह पाकिस्तान से होने वाले सीमापार आतंकवाद के मुल मुद्दे की अनदेखी करती है।

भारत ने कहा कि इस रिपोर्ट में कही गयी बातें भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती हैं और उसमें सीमापार आतंकवाद के मूल मुद्दे की अनदेखी की गयी है। पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने रिपोर्ट का स्वागत किया लेकिन कहा कि कश्मीर और पीओके के बीच कोई समानता नहीं है। 

कश्मीर में मानवाधिकार के कथित उल्लंघन को दर्ज करने के लिए रिपोर्ट की सराहना करते हुए पाकिस्तान ने दोहराया कि घाटी में मानवाधिकार की स्थिति और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) तथा गिलगित बालटिस्तान में माहौल के बीच कोई तुलना ही नहीं है । 

विदेश कार्यालय ने दावा किया कि कश्मीर दुनिया में सबसे ज्यादा सैन्य मौजूदगी वाला क्षेत्र है जबकि पीओके और गिलगित बालटिस्तान विदेशी सैलानियों के लिए खुला हआ है । 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed