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सीरिया पर तुर्की के हमले पर भारत ने जताई गहरी चिंता, कहा- क्षेत्र में फैल सकती है अस्थिरता
Thu, 10 Oct 2019 04:31 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 10 Oct 2019 04:31 PM IST
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार (फाइल)
- फोटो : एएनआई
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भारत ने गुरुवार को कहा कि वह उत्तर-पूर्व सीरिया में तुर्की के "एकतरफा सैन्य हमले" पर "बहुत चिंतित" है। भारत ने कहा कि इस कार्रवाई क्षेत्र में अस्थिरता फैलने के साथ-साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई भी कमजोर हो सकती है।
बुधवार को तुर्की के लड़ाकू विमानों और तोपों ने सीरिया में कुर्द-नियंत्रित क्षेत्रों को निशाना बनाया, जिससे हजारों नागरिकों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा।
विदेश मंत्रालय ने घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "उत्तर-पूर्व सीरिया में तुर्की के एकतरफा सैन्य हमले पर हमें गहरी चिंता है।"
मंत्रालय ने कहा कि तुर्की की कार्रवाई से क्षेत्र में स्थिरता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई भी प्रभावित हो सकती है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह कार्रवाई मानवीय और नागरिक संकट पैदा करने की क्षमता रखती है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, "हम तुर्की से संयम बरतने और सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने का आह्वान करते हैं। हम बातचीत और चर्चा के जरिए सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान का आग्रह करते हैं।"
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बता दें कि तुर्की ने बुधवार को अमेरिकी सेना के हटते ही सीरिया में कुर्दिश लड़ाकों पर बम बरसाने शुरू कर दिए। इन हमलों में सात नागरिकों की मौत हो गई। तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैय्यप एर्डोगन ने ट्विटर पर हमले की घोषणा की थी। उन्होंने इसे 'ऑपरेशन पीस स्प्रिंग' करार दिया था।
सेना हटाने के कुछ घंटों बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के सहयोगी तुर्की को चेतावनी दी थी कि यदि उसने सीरिया के खिलाफ कार्रवाई की तो उसकी अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देंगे। अमेरिका के कदम से आईएस के खिलाफ लड़ाई में उसके मुख्य सहयोगी कुर्द अकेले पड़ गए थे।
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बुधवार को तुर्की के लड़ाकू विमानों और तोपों ने सीरिया में कुर्द-नियंत्रित क्षेत्रों को निशाना बनाया, जिससे हजारों नागरिकों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा।
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विदेश मंत्रालय ने घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "उत्तर-पूर्व सीरिया में तुर्की के एकतरफा सैन्य हमले पर हमें गहरी चिंता है।"
मंत्रालय ने कहा कि तुर्की की कार्रवाई से क्षेत्र में स्थिरता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई भी प्रभावित हो सकती है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह कार्रवाई मानवीय और नागरिक संकट पैदा करने की क्षमता रखती है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, "हम तुर्की से संयम बरतने और सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने का आह्वान करते हैं। हम बातचीत और चर्चा के जरिए सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान का आग्रह करते हैं।"
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बता दें कि तुर्की ने बुधवार को अमेरिकी सेना के हटते ही सीरिया में कुर्दिश लड़ाकों पर बम बरसाने शुरू कर दिए। इन हमलों में सात नागरिकों की मौत हो गई। तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैय्यप एर्डोगन ने ट्विटर पर हमले की घोषणा की थी। उन्होंने इसे 'ऑपरेशन पीस स्प्रिंग' करार दिया था।
सेना हटाने के कुछ घंटों बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के सहयोगी तुर्की को चेतावनी दी थी कि यदि उसने सीरिया के खिलाफ कार्रवाई की तो उसकी अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देंगे। अमेरिका के कदम से आईएस के खिलाफ लड़ाई में उसके मुख्य सहयोगी कुर्द अकेले पड़ गए थे।