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TB: टीबी के खिलाफ जंग को लगा झटका, वैज्ञानिक अध्ययन में उठे सवाल...टीके को नहीं मिली मंजूरी

Sat, 25 Oct 2025 07:19 AM IST
लव गौर परीक्षित निर्भय, अमर उजाला
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला Published by: लव गौर Updated Sat, 25 Oct 2025 07:19 AM IST
सार

टीबी के खिलाफ जंग को लगा झटका है। वैज्ञानिक अध्ययन में सवाल उठे। ऐसे में टीके को मंजूरी नहीं मिली। विशेषज्ञ समिति ने कहा कि नहीं मिला पर्याप्त डाटा, ज्यादा अध्ययन जरूरी।

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India efforts to introduce new generation of tuberculosis TB vaccines have suffered setback
टीबी के खिलाफ जंग को लगा झटका - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

भारत में तपेदिक (टीबी) के खिलाफ नई पीढ़ी का टीका लाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को झटका लगा है। केंद्र सरकार की विशेषज्ञ समिति ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित रिकॉम्बिनेंट बीसीजी टीका को फिलहाल मंजूरी देने से इनकार कर दिया।
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समिति ने स्पष्ट किया है कि जिन दावों के आधार पर टीका के लिए अनुमति मांगी गई वे पर्याप्त, मजबूत और निष्कर्ष पूर्ण नहीं हैं। दरअसल कोरोना महामारी की तरह टीबी संक्रमण को भी रोकने के लिए हाल ही में जर्मन रिसर्च इंस्टिट्यूट ने एक टीका विकसित किया जो मौजूदा बीसीजी टीके को आनुवंशिक तरीके से अपग्रेड कर बनाया गया है। इसलिए यह रिकॉम्बिनेंट बीसीजी (वीपीएम1002) नाम से जाना जाता है।
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इस टीका के उत्पादन के लिए भारत की सीरम इंस्टीट्यूट कंपनी के साथ करार हुआ है। समिति ने भारत के औषधि महानियंत्रक से सिफारिश की है कि कंपनी को अधिक शक्तिशाली नया अध्ययन करना होगा, जिसमें नमूनों की संख्या और प्राथमिक लक्ष्य स्पष्ट हों। भारत में टीबी पर नियंत्रण की लड़ाई में यह टीका एक बड़ी उम्मीद माना जा रहा है।
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आईसीएमआर के अध्ययन में भी मजबूत दावा नहीं
समिति के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि आवेदन के साथ दो अध्ययन दिए गए जिनमें से एक भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) का भी है जो टीका को मंजूरी देने का आधार है लेकिन विश्लेषण के दौरान समिति ने उसमें भी कई वैज्ञानिक खामियां पाईं।


समिति ने पाया कि परिषद के अध्ययन में एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी पर टीका का 50.4% प्रभाव दिखाई दिया लेकिन कुल टीबी पर प्रभाव सिर्फ 16.9% रहा जो सांख्यिकीय रूप से असफल रहा। जबकि अन्य अध्ययन में प्राइमरी एंड पॉइंट हासिल नहीं हुआ जिसका मतलब है कि टीबी की दोबारा होने की घटनाओं में टीका और प्लेसिबो के बीच अंतर सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण नहीं दिखा।
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