फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India could first strike against Pakistan if it feared a nuclear attack was imminent, says expert

खतरा बढ़ने पर भारत कर सकता है पाकिस्तान पर परमाणु हमला

Wed, 22 Mar 2017 04:11 AM IST
amarujala.com- Presented by: विक्रान्त सिंह
amarujala.com- Presented by: विक्रान्त सिंह Updated Wed, 22 Mar 2017 04:11 AM IST
विज्ञापन
India could first strike against Pakistan if it feared a nuclear attack was imminent, says expert
अमेरिका में दक्षिण एशियाई मामलों के एक शीर्ष परमाणु विशेषज्ञ का दावा है कि यदि भारत को इस बात का भय हुआ कि पाकिस्तान उस पर हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है तो वह अपनी तरफ से पहले परमाणु हमला न करने की नीति का त्याग भी कर सकता है। संभवतया पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत अपनी नीति के विरुद्ध जाकर पड़ोसी देश पर पहला परमाणु हमला कर दे।
विज्ञापन


मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में दक्षिण एशियाई परमाणु रणनीति के विशेषज्ञ विपिन नारंग ने वाशिंगटन में आयोजित 2017 कार्नेगी अंतरराष्ट्रीय परमाणु नीति सम्मेलन में कहा कि ऐसे प्रमाण बढ़ रहे हैं कि भारत पाकिस्तान को परमाणु हमला करने का पहला मौका नहीं देगा। 
विज्ञापन


उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने यदि हमला किया तो वह पाक की शहरी आबादी को नुकसान पहुंचाने के बजाय इस्लामाबाद में रखे परमाणु हथियारों के ठिकाने को निशाना बना सकता है। नारंग ने उल्लेख किया कि भारत द्वारा पहले किए जाने वाले हमले का मकसद संभवतया परंपरागत न होकर पड़ोसी देश के टेक्टिकल परमाणु हथियारों के मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाना हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दुनिया भर के परमाणु विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए परमाणु रणनीति विशेषज्ञ विपिन नारंग ने कहा कि भारत द्वारा पाकिस्तानी परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के पीछे उसका व्यवहारिक लक्ष्य भी है। भारत कभी नहीं चाहेगा कि पाकिस्तान किसी भी सूरत में भारत पर परमाणु हमला कर पाए। इसके लिए भारत का सबसे पहला लक्ष्य होगा कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के भंडार को ही खत्म कर दे। इस तरह युद्ध की स्थिति में शुरूआत से ही भारत अपना पलड़ा भारी कर लेगा और उसे अपने किसी भी शहर पर परमाणु हमले का खतरा नहीं रहेगा।

मौजूदा हालातों के अध्ययन के बाद सामने आया बयान
परमाणु मामलों के विशेषज्ञ विपिन नारंग ने यह टिप्पणी यूं ही नहीं की है बल्कि इस बारे में मौजूदा हालातों और सेना के पूर्व अधिकारियों के बयानों का संदर्भ लिया है। उन्होंने 2016 में भारत के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन की किताब का भी जिक्र किया। दक्षिण एशिया के स्टिमसन केंद्र के डिप्टी डायरेक्टर समीर ललवानी ने कहा कि नारंग की टिप्पणी ने दक्षिण एशिया में रणनीतिक स्थिरता के पारंपरिक ज्ञान को चुनौती दी है। 


भारत की नीति रही है परमाणु का पहले इस्तेमाल नहीं करना
भारत पहले से कहता रहा है कि वह परमाणु शक्ति का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ सबसे पहले नहीं करेगा। पिछले दिनों में भारत और पाकिस्तान ने एक साझा समझौते पर सहमति बनाई थी कि दोनों देश किसी भी युद्ध के दौरान परमाणु हथियारों का खतरा कम करने की पूरी कोशिश करेंगे। जबकि पाकिस्तान लगातार भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देता रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बहुत कम हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed