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India China Ties: 'व्यापार युद्ध का मिलकर विरोध करें भारत-चीन', ट्रंप के टैरिफ पर चीनी राजदूत फेहोंग की अपील
Tue, 23 Sep 2025 10:43 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 23 Sep 2025 10:43 PM IST
सार
चीनी राजदूत शू फेहोंग ने कहा कि इस साल चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ है। पिछले 75 वर्षों में उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों के संबंध मैत्रीपूर्ण सहयोग के तौर पर आगे बढ़े हैं। व्यापार युद्ध और टैरिफ का भारत-चीन को मिलकर विरोध करना चाहिए।
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शू फेहोंग, चीनी राजदूत
- फोटो : ANI
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर चीनी राजदूत शू फेहोंग ने बड़ी अपील की है। भारत-चीन राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर चीनी राजदूत ने कहा कि व्यापार युद्ध और टैरिफ का भारत-चीन को मिलकर विरोध करना चाहिए। यह जरूरी है कि दोनों देश आधिपत्य और सत्ता की राजनीति के दबाव का मिलकर मुकाबला करें। साथ ही ग्लोबल साउथ के हितों की रक्षा करते हुए मानवता के लिए साझा भविष्य वाले समुदाय का निर्माण करें।
चीनी राजदूत शू फेहोंग ने कहा कि इस साल चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ है। पिछले 75 वर्षों में उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों के संबंध मैत्रीपूर्ण सहयोग के तौर पर आगे बढ़े हैं। हाल ही में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तियानजिन में बैठक की। इसने चीन-भारत संबंधों को सुधार के एक नए स्तर पर पहुंचाया। हम दोनों नेताओं के बीच महत्वपूर्ण समझ के बाद जारी मार्गदर्शन का पालन करने के लिए भारतीय पक्ष के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। साथ ही चीन-भारत संबंधों को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।
भारत में चीनी राजदूत शू फेहोंग ने कहा कि चीन-भारत आर्थिक और व्यापारिक सहयोग का निरंतर विस्तार हो रहा है। इसमें अपार संभावनाएं हैं। चीन विभिन्न क्षेत्रों में पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को मज़बूत करने और साझा हितों का एक बड़ा हिस्सा बनाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
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उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ सभी स्तरों और सभी क्षेत्रों में मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने और आपसी समझ, मित्रता को और गहरा करने के लिए तैयार हैं। हमें संवाद और संचार बनाए रखना चाहिए। हमें शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांतों को आगे बढ़ाना चाहिए। एक-दूसरे के मूल हितों और प्रमुख चिंताओं का सच्चा सम्मान करना चाहिए। हमें अतीत से बचे हुए सीमा प्रश्न को वर्तमान चीन-भारत संबंधों को परिभाषित करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। साथ ही विशिष्ट मतभेदों को व्यापक द्विपक्षीय सहयोग को प्रभावित करने नहीं देना चाहिए।
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चीनी राजदूत शू फेहोंग ने कहा कि इस साल चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ है। पिछले 75 वर्षों में उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों के संबंध मैत्रीपूर्ण सहयोग के तौर पर आगे बढ़े हैं। हाल ही में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तियानजिन में बैठक की। इसने चीन-भारत संबंधों को सुधार के एक नए स्तर पर पहुंचाया। हम दोनों नेताओं के बीच महत्वपूर्ण समझ के बाद जारी मार्गदर्शन का पालन करने के लिए भारतीय पक्ष के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। साथ ही चीन-भारत संबंधों को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।
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भारत में चीनी राजदूत शू फेहोंग ने कहा कि चीन-भारत आर्थिक और व्यापारिक सहयोग का निरंतर विस्तार हो रहा है। इसमें अपार संभावनाएं हैं। चीन विभिन्न क्षेत्रों में पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को मज़बूत करने और साझा हितों का एक बड़ा हिस्सा बनाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
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उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ सभी स्तरों और सभी क्षेत्रों में मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने और आपसी समझ, मित्रता को और गहरा करने के लिए तैयार हैं। हमें संवाद और संचार बनाए रखना चाहिए। हमें शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांतों को आगे बढ़ाना चाहिए। एक-दूसरे के मूल हितों और प्रमुख चिंताओं का सच्चा सम्मान करना चाहिए। हमें अतीत से बचे हुए सीमा प्रश्न को वर्तमान चीन-भारत संबंधों को परिभाषित करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। साथ ही विशिष्ट मतभेदों को व्यापक द्विपक्षीय सहयोग को प्रभावित करने नहीं देना चाहिए।