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एनएसजी सदस्यता पर भारत और चीन के बीच बीजिंग में हुई दूसरे दौर की वार्ता

Mon, 31 Oct 2016 11:02 PM IST
एजेंसी, बीजिंग/नई दिल्ली
एजेंसी, बीजिंग/नई दिल्ली Updated Mon, 31 Oct 2016 11:02 PM IST
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india china hold constructive talks on indias nuclear suppliers group bid
- फोटो : pti
भारत की परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के मुद्दे पर सोमवार को बीजिंग में भारत और चीन के बीच दूसरे दौर की वार्ता हुई। वार्ता ठोस और रचनात्मक रही। इसमें दोनों देशों के शीर्ष परमाणु विशेषज्ञ शामिल हुए। दोनों देशों के बीच पहले दौर की बातचीत 13 सितंबर को दिल्ली में हुई थी। तब तय किया गया था कि दूसरे दौर की बातचीत बीजिंग में होगी। इसी सिलसिले में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा) अमनदीप सिंह गिल ने सोमवार को बीजिंग में चीन के शस्त्र नियंत्रण विभाग के महानिदेशक वांग कून के साथ एनएसजी में भारत की सदस्यता को लेकर बातचीत की।
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नई दिल्ली स्थित सूत्रों के अनुसार वार्ता ठोस एवं रचनात्मक रही और यह दोनों देशों के नेतृत्व के निर्देशानुसार आगे भी जारी रहेगी। आज की बैठक में भारत ने एक बार फिर चीन को यह समझाया कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) को लागू करने का उसका सिद्धांत किसी से कम नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हू चूनयिंग ने एक न्यूज एजेंसी को लिखित जवाब में कहा है कि एनएसजी के विस्तार, संयुक्त राष्ट्र की पहली समिति, जैविक हथियार कंवेंशन के आठवें समीक्षा सम्मेलन और हथियारों पर नियंत्रण के अन्य मुद्दों पर पर दोनों देशों के बीच रचनात्मक और ठोस विचार-विमर्श हुआ है। 
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भारत और चीन के बीच बीजिंग में यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब अगले दो महीने में भारत की एनएसजी सदस्यता के मुद्दे पर अर्जेंटीना के राजदूत राफेल ग्रॉसी के नेतृत्व में अनौपचारिक वार्ता हो सकती है। सियोल में जून में चीन ने भारत की सदस्यता का यह कहकर विरोध किया था कि भारत ने अभी तक परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किया है। तब अमेरिका ने भारत का जोरदार समर्थन किया था। सियोल में हुई बैठक में चीन के मुख्य वार्ताकार वांग ने कहा था कि एनएसजी सदस्यता के लिए एनपीटी पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है। उनका कहना था कि यह नियम चीन ने नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बनाया है। 
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