गलवां घाटी में झड़प पर मार्कंडेय काटजू ने कहा- चीनी कंपनियों को भारत से करना चाहिए निष्कासित
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पूर्वी लद्दाख में भारत और चीनी सेना के बीच झड़प में भारतीय सेना के तीन जवान शहीद हो गए हैं, वहीं चीन के 5 जवानों के मारे जाने की खबर है और 11 घायल हुए हैं। यह झड़प सोमवार रात को पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया के दौरान हुई।
भारत चीन सीमा पर 50 साल में इस तरह की यह पहली झड़प है। भारत और चीन के बीच सीमा पर आखिरी बार 70 के दशक में गोली चली थी। लगभग 50 साल बाद यह सिलसिला टूटा है। गलवां घाटी उन क्षेत्रों में से एक है जहां चीनी सेना ने घुसपैठ की थी।
सीमा पर इस झड़प के बाद सोशल मीडिया पर चीन के खिलाफ लोगों को गुस्सा फुट पड़ा है। कई लोगों ने चीन पर भी पाकिस्तान की तरह सर्जिकल स्ट्राइक की बात कही है और कईयों ने कहा कि चीन को सबक सिखाने का अब वक्त आ गया है।
Apart from opposing the aggressive Chinese moves at the border, the Indian government should expel all Chinese companies from India and ban entry of Chinese goods into the Indian market. @narendramodi @DrSJaishankar
— Markandey Katju (@mkatju) June 16, 2020
वहीं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिमस मार्कंडेय काटजू ने ट्वीट करके कहा है 'चीन ने हमारे घर में घुस के हमें मारा है, हरि ॐ।' उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा है कि भारत सरकार को भारत से सभी चीनी कंपनियों को निष्कासित करना चाहिए और चीनी वस्तुओं के भारतीय बाजार में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
वहीं यूथ कांग्रेस ने ट्वीट करके कहा है, 'उनकी हिम्मत कैसे हुई? कहां हैं प्रधानमंत्री जो भारत की रक्षा करने के लिए 56 इंच की छाती पीटते हैं? हमें पीड़ा होती है और हम क्रोधित होते हैं। हमारे देश के खिलाफ युद्ध के इस कृत्य को माफ नहीं किया जाएगा। #GalwanValley
How dare they?
— Youth Congress (@IYC) June 16, 2020
Where is the Prime Minister who beat his "56 inch" chest promising to protect India?
Where is he?
We are pained and we are angry. This act of war against our country will not be forgiven. #GalwanValley https://t.co/8xhfM1zSl2