भारत आए चीनी प्रतिनिधिमंडल ने की एनएसजी सदस्यता पर चर्चा
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भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता का विरोध कर रहे चीन ने अपने रुख में नरमी लाई है। दोनों देशों ने मंगलवार को एनएसजी सदस्यता, आपसी हित के मुद्दों और नि:शस्त्रीकरण के मसले पर चर्चा की।
चीन के हथियार नियंत्रण विभाग के महानिदेशक वांग कुन के नेतृत्व में भारत आए एक चीनी प्रतिनिधिमंडल ने विदेश मंत्रालय में नि:शस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के संयुक्त सचिव अमनदीप सिंह गिल के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की।
विदेश मंत्रालय ने इस बारे में एक बयान जारी कर कहा है कि इस वार्ता में आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें कहा गया है कि 13 अगस्त को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके चीनी समकक्ष वांग वी के बीच बनी सहमति के अनुसार भारत की प्राथमिकता वाले मुद्दे यानी एनएसजी की सदस्यता के मसले पर चर्चा की।
'एनपीटी के सिद्धांतों को हमने जिस तरह से क्रियान्वित किया है वह अद्वितीय'
बयान में कहा गया है कि दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच चर्चा खुले दिल से, व्यावहारिक और मौलिक रही। दोनों पक्षों ने अगले दौर की वार्ता आपसी सहजता वाले किसी तारीख को करने पर सहमति भी जताई है।
सूत्रों के मुताबिक इस वार्ता में भारत ने नि:शस्त्रीकरण के क्षेत्र में भारत की बेदाग छवि का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि उसे स्वच्छ ऊर्जा की जरूरत है। भारत ने चीनी पक्ष से कहा कि एनपीटी के सिद्धांतों को हमने जिस तरह से क्रियान्वित किया है वह अद्वितीय है।