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भारत-बांग्लादेश सीमाः पशु तस्करों का बीएसएफ महिला जवान पर जानलेवा हमला, बहादुर जवान ने तस्करों को खदेड़ा
Thu, 08 Aug 2024 11:21 PM IST
पवन पांडेय
एन. अर्जुन, अमर उजाला
एन. अर्जुन, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 08 Aug 2024 11:21 PM IST
सार
India-Bangladesh border: बीएसएफ ने बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ मीटिंग की और बांग्लादेशी तस्करों द्वारा बिना उकसावे के किए गए जानलेवा हमले की घटना पर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया।
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भारत-बांग्लादेश सीमाः पशु तस्करों का बीएसएफ महिला जवान पर जानलेवा हमला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पशु तस्करों ने बीएसएफ की महिला जवान पर हमला कर पशु तस्करी करने की कोशिश की। बीएसएफ की बहादुर जवान ने हमले का जवाब देते हुए पशु-तस्करी को नाकाम कर दिया और तस्करों को खदेड़ दिया। बीएसएफ ने बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ मीटिंग की और बांग्लादेशी तस्करों द्वारा बिना उकसावे के किए गए जानलेवा हमले की घटना पर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया।
मालदा में तैनात बीएसएफ जवान पर हमला
दक्षिण बंगाल सीमांत के प्रवक्ता डीआईजी ए.के. आर्य के मुताबिक बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमांत के सजग जवानों ने पश्चिम बंगाल में पशु तस्करी को नाकाम कर एक गाय और आठ भैंसे तस्करों के चंगुल से छुड़ाया। तस्करों के महिला जवान पर जानलेवा घातक हमला कर तस्करी की योजना को महिला जवान ने आत्मरक्षा में जवाबी फायर कर सभी तस्करों को वापस खदेड़ दिया। यह घटना मालदा में तैनात बीएसएफ की एडहॉक बटालियन एसबी-2 की सीमा चौकी केदारीपाड़ा की है, जहां महिला जवान ने बहादुरी से तस्करों का मुकाबला करते हुए उन्हें बांग्लादेश दिया।
बीएसएफ के खुफिया विभाग ने किया था अलर्ट
जानकारी के अनुसार घटना में सात अगस्त को बीएसएफ के खुफिया विभाग की मवेशियों की तस्करी की सूचना के बाद सीमा चौकी केदारीपाड़ा में ड्यूटी पर तैनात सभी जवानों को सतर्क कर दिया गया था। ड्यूटी के दौरान महिला जवान ने 6 से 7 तस्करों हलचल देखी जो हाथों में तेजधार वाले हथियार और छह मवेशियों के साथ सीमा रेखा की तरफ तेजी से बढ़ रहे थे।
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फायर की आवाज सुनकर भागे तस्कर
महिला जवान ने तुरंत साथी जवान और गश्ती दल को सूचित किया। तस्करों को चेतावनी देते हुए रुकने को कहा। तस्करों ने तलवार लहराते हुए महिला जवान को घेरने की कोशिश की। अपनी जान को खतरा देख महिला जवान ने आत्मरक्षा में तस्करों की तरफ फायर कर बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया, फायर की आवाज सुनते ही तस्कर अंधेरे और ऊबड़-खाबड़ जमीन का फायदा उठाकर भाग गए। तब तक गश्ती दल पहुंच गया और निगरानी ने इलाके की गहन तलाशी ली, जिसके परिणामस्वरूप 6 मध्यम आकार की भैंसें बरामद की गईं।
पहले भी तस्कर कर चुके हैं ऐसी कोशिश
आर्य ने बताया कि यह कोई अकेली हमले की घटना नहीं है। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में क्षेत्रीय मुख्यालय कृष्णानगर की सीमा चौकी सुन्दर व रनघाट तथा मालदा जिले में क्षेत्रीय मुख्यालय मालदा की सीमा चौकीयों गोपालनगर, सासनी व राजनगर व एचसी पुर में भी जवानों पर मवेशी तस्करों व अवैध घुसपैठियों द्वारा ऐसे घातक हमले हुए है, जहां जवानों ने आत्मरक्षा में मवेशी तस्करों व अवैध घुसपैठियों पर स्टन ग्रेनेड, पीएजी और अन्य हथियारों से फायरिंग की और तस्करी व अवैध घुसपैठ की घटनाओं को विफल कर 150 फेंसेडिल और तीन पशु जब्त किए।
सभी घटनाओं में बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ मीटिंग भी की गई, जहां बांग्लादेशी तस्करों द्वारा बिना उकसावे के किए गए जानलेवा हमले की घटना पर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया।
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मालदा में तैनात बीएसएफ जवान पर हमला
दक्षिण बंगाल सीमांत के प्रवक्ता डीआईजी ए.के. आर्य के मुताबिक बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमांत के सजग जवानों ने पश्चिम बंगाल में पशु तस्करी को नाकाम कर एक गाय और आठ भैंसे तस्करों के चंगुल से छुड़ाया। तस्करों के महिला जवान पर जानलेवा घातक हमला कर तस्करी की योजना को महिला जवान ने आत्मरक्षा में जवाबी फायर कर सभी तस्करों को वापस खदेड़ दिया। यह घटना मालदा में तैनात बीएसएफ की एडहॉक बटालियन एसबी-2 की सीमा चौकी केदारीपाड़ा की है, जहां महिला जवान ने बहादुरी से तस्करों का मुकाबला करते हुए उन्हें बांग्लादेश दिया।
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बीएसएफ के खुफिया विभाग ने किया था अलर्ट
जानकारी के अनुसार घटना में सात अगस्त को बीएसएफ के खुफिया विभाग की मवेशियों की तस्करी की सूचना के बाद सीमा चौकी केदारीपाड़ा में ड्यूटी पर तैनात सभी जवानों को सतर्क कर दिया गया था। ड्यूटी के दौरान महिला जवान ने 6 से 7 तस्करों हलचल देखी जो हाथों में तेजधार वाले हथियार और छह मवेशियों के साथ सीमा रेखा की तरफ तेजी से बढ़ रहे थे।
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फायर की आवाज सुनकर भागे तस्कर
महिला जवान ने तुरंत साथी जवान और गश्ती दल को सूचित किया। तस्करों को चेतावनी देते हुए रुकने को कहा। तस्करों ने तलवार लहराते हुए महिला जवान को घेरने की कोशिश की। अपनी जान को खतरा देख महिला जवान ने आत्मरक्षा में तस्करों की तरफ फायर कर बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया, फायर की आवाज सुनते ही तस्कर अंधेरे और ऊबड़-खाबड़ जमीन का फायदा उठाकर भाग गए। तब तक गश्ती दल पहुंच गया और निगरानी ने इलाके की गहन तलाशी ली, जिसके परिणामस्वरूप 6 मध्यम आकार की भैंसें बरामद की गईं।
पहले भी तस्कर कर चुके हैं ऐसी कोशिश
आर्य ने बताया कि यह कोई अकेली हमले की घटना नहीं है। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में क्षेत्रीय मुख्यालय कृष्णानगर की सीमा चौकी सुन्दर व रनघाट तथा मालदा जिले में क्षेत्रीय मुख्यालय मालदा की सीमा चौकीयों गोपालनगर, सासनी व राजनगर व एचसी पुर में भी जवानों पर मवेशी तस्करों व अवैध घुसपैठियों द्वारा ऐसे घातक हमले हुए है, जहां जवानों ने आत्मरक्षा में मवेशी तस्करों व अवैध घुसपैठियों पर स्टन ग्रेनेड, पीएजी और अन्य हथियारों से फायरिंग की और तस्करी व अवैध घुसपैठ की घटनाओं को विफल कर 150 फेंसेडिल और तीन पशु जब्त किए।
सभी घटनाओं में बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ मीटिंग भी की गई, जहां बांग्लादेशी तस्करों द्वारा बिना उकसावे के किए गए जानलेवा हमले की घटना पर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया।