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IND vs PAK Military Budget: सैन्य बजट में भारत के सामने फिसड्डी पाकिस्तान, 2024 में साढ़े आठ गुना का था अंतर

Sun, 11 May 2025 07:40 AM IST
स्वप्निल शशांक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sun, 11 May 2025 07:40 AM IST
सार

IND vs PAK Military Budgets Comparison: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) सैन्य व्यय डेटाबेस से प्राप्त डेटा के जरिये हम आपको साल 2000 से लेकर 2024 तक भारत और पाकिस्तान के सैन्य बजट की तुलना बता रहे हैं। हम आपको इस खबर में भारत और पाकिस्तान के सैन्य बजट में भारी अंतर के बारे में बताएंगे। सैन्य बजट के मामले में पाकिस्तान भारत के आसपास भी नहीं है।

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IND vs PAK Military Budgets comparison: Pakistan nowhere near India in military budget, Explainer Full Details
भारत पाकिस्तान का सैन्य बजट - फोटो : amarujala.com

विस्तार

पहलगाम में 22 अप्रैल को पाकिस्तान ने जिस नापाक हरकत को अंजाम दिया था उसका भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से बदला लिया। भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी और यह भी कहा कि किसी सैन्य ठिकानों या फिर आम लोगों को निशाना नहीं बनाया गया। आतंक पर भारतीय सेना की कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने भारत पर हमले की कोशिश भी की, लेकिन पूरी तरह फुस्स साबित हुए। भारतीय रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान के हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया। भारतीय सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में रक्षा क्षेत्र में जो निवेश किए हैं, उसका असर अब दिखने लगा है। इसके उलट पाकिस्तान की रक्षा प्रणाली फिसड्डी साबित हुई और उन्हें भारत की जवाबी कार्रवाई में भारी नुकसान का भी सामना करना पड़ा है। हम आपको इस खबर में भारत और पाकिस्तान के सैन्य बजट में भारी अंतर के बारे में बताएंगे। पाकिस्तान भारत के आसपास भी नहीं है।
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भारत ने नौ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया
पूरी सावधानी बरतते हुए भारतीय सेना ने आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद किया। हालांकि, इसके बाद भी पाकिस्तानी नहीं सुधरे और आतंकियों को आम जनता बताते हुए पाकिस्तानी सेना ने भारत पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए। पिछले तीन दिन से लगातार पाकिस्तान की ओर से ड्रोन्स और मिसाइल से हमले किए जा रहे हैं और भारत उसका मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। भारत ने जहां आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया तो वहीं पाकिस्तान भारत के आम नागरिकों और शहरों को निशाना बना रहा है। पाकिस्तान ने भारत के कई उत्तरी और पश्चिमी शहरों पर ड्रोन्स और मिसाइल्स से हमले किए, लेकिन भारत की सुरक्षा प्रणाली ने सभी को ध्वस्त कर दिया।
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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ही भारत से डरे
1947 में आजादी के बाद से भारत और पाकिस्तान ने तीन युद्ध लड़े हैं। इनमें से दो कश्मीर को लेकर हुए। इतना ही नहीं, पाकिस्तान लगातार सीमापार से सीजफायर का उल्लंघन करता रहता है। हालांकि, अब जब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है, तो पाकिस्तान ड्रोन्स से हमला कर भारत में आम लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। भारत ने जब नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया था तो पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ अपने देश की संसद को बताया कि 'हमारे ठिकानों को निशाना बनाने के लिए भारत की ओर से ड्रोन हमला किया गया। यह एक तकनीकी बात है जिसे मैं समझा नहीं सकता। हमने ड्रोन को नहीं रोका, ताकि हमारी हवाई रक्षा इकाइयों का स्थान लीक न हो।'

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पाकिस्तानियों ने अपनी क्षमताओं पर उठाए सवाल
ख्वाजा आसिफ का यह बयान इसलिए हास्यासपद रहा क्योंकि भारत की जवाबी कार्रवाई को पाकिस्तान की रक्षा प्रणाली रोक नहीं सकी। भारत ने अपनी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई रडार और रक्षा प्रणाली को ध्वस्त किए। इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए जिन तुर्किये ड्रोन्स का इस्तेमाल किया, उसे भारत की रक्षा प्रणाली ने हवा में ही मार गिराया। इस तरह के कमजोर प्रहार के बाद पाकिस्तानी रणनीतिकार अपने देश की रक्षा क्षमताओं पर सवाल उठा रहे हैं।

भारत के रक्षा बजट के आसपास भी नहीं पाकिस्तान
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 2.12 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये (64,082 करोड़ भारतीय रुपये) के रक्षा बजट के बावजूद पाकिस्तान की रक्षा प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो गई। यह रक्षा बजट उनके जीडीपी (GDP) का 1.7 प्रतिशत है। वहीं, भारत में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रक्षा क्षेत्र के लिए 6.81 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए, जिसमें सेना के आधुनिकीकरण के लिए 1.8 लाख करोड़ रुपए शामिल हैं। भारत का रक्षा बजट 2024-25 के लिए भारत की अनुमानित जीडीपी का 1.9 प्रतिशत है।

भारत ने पिछले कुछ वर्षों में रक्षा क्षेत्र में खूब निवेश किया
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) सैन्य व्यय डेटाबेस से प्राप्त डेटा के जरिये हम आपको साल 1999 के करगिल युद्ध के बाद से यानी साल 2000 से लेकर 2024 तक दोनों देशों के बीच सैन्य बजट की तुलना बता रहे हैं। साल 2000 में जहां सैन्य बजट में भारत पाकिस्तान से 4.8 गुना आगे थे। वहीं, 2023 में यह अंतर 9.5 गुना का हो चुका था। 2024 में यह अंतर 8.5 गुना का रहा। 2024 में भारत का रक्षा बजट 86 बिलियन डॉलर यानि 7.34 लाख करोड़ था, जो पाकिस्तान के 10 बिलियन डॉलर यानि 85 हजार करोड़ से लगभग आठ गुना ज्यादा था।

रक्षा क्षेत्र में इतना खर्च, फिर भी भारत से मुंह की खा रहा पाकिस्तान
भारत दुनिया के सबसे ताकतवर सैन्य देशों में से एक है और सैन्य बजट के खर्च का अधिकांश हिस्सा पेंशन और पेरोल पर जाता है। प्रति व्यक्ति के आधार पर, भारत प्रति व्यक्ति लगभग 60 डॉलर यानी लगभग पांच हजार रुपये खर्च करता है, जबकि पाकिस्तान प्रति व्यक्ति 41 डॉलर यानी लगभग तीन हजार रुपये खर्च करता है। भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 का बजट 1 फरवरी 2025 को पेश किया था। इस बजट का कुल आकार 50.65 लाख करोड़ रुपये रखा गया। इसमें प्रमुख रूप से बुनियादी ढांचे, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों के लिए बड़े पैमाने पर फंड आवंटित किए गए। इसमें से रक्षा क्षेत्र के लिए 6.81 लाख करोड़ रुपये रखे गए, जो कि कुल बजट का आठ प्रतिशत है।

वहीं, पाकिस्तान का कुल बजट ही उतना नहीं है, जितना वह रक्षा क्षेत्र में खर्च कर देते हैं। पाकिस्तान वैसे भी गरीबी में जी रहा। वहां के लोगों में गरीबी है, लेकिन रक्षा के लिए खूब धनवर्षा हो रही है। पाकिस्तान का वित्त वर्ष जुलाई महीने से शुरू होता है और उनका बजट पिछले साल जून में पेश किया गया था। पाकिस्तान सरकार ने 14.46 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये (5.5 लाख करोड़ भारतीय रुपये) का बजट पेश किया था। पाकिस्तान ने रक्षा क्षेत्र के लिए 1.8 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये का बजट तैयार किया, यानी 64,082 करोड़ रुपये। यह कुल बजट का 14 प्रतिशत है। इसके अलावा, स्वास्थ्य पर 0.2 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये, शिक्षा पर 0.88 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये और कृषि एवं ग्रामीण विकास पर 0.55 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये खर्च का बजट था। 

आजादी के बाद रक्षा क्षेत्र पर खर्च कितना बढ़ा? 
आजादी के बाद देश का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को आरके शनमुघम चेट्टी ने पेश किया था। इस बजट का कुल आकार यानी कुल खर्च का अनुमान ₹197.39 करोड़ था। इस बजट में सबसे अधिक आवंटन रक्षा क्षेत्र के लिए ही किया गया था। स्वतंत्र भारत के पहले बजट में 92.74 करोड़ रुपए यानी 46% सिर्फ रक्षा सेवाओं पर खर्च किए जाने की बात कही गई थी। इसके बाद मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले यानी 2013-14 के बजट में रक्षा क्षेत्र पर 2,03,672 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। मोदी सरकार के पिछले बजट यानी 2024-25 तक रक्षा बजट का आकार 2013-14 की तुलना में दोगुने से भी अधिक हो गया है। 

चीन का रक्षा बजट हमसे ज्यादा
अप्रैल 2024 को SIPRI की रक्षा खर्च पर जो रिपोर्ट आई थी, उसके आंकड़ों के मुताबिक 2023 में सबसे अधिक सैन्य खर्च वाले टॉप 10 देशों में 83.6 बिलियन डॉलर के खर्च के साथ भारत चौथे नंबर है। वहीं इसके मुकाबले में चीन के रक्षा खर्च की बात करें, तो 296 बिलियन डॉलर के साथ चीन दूसरे नंबर पर है। भारत का रक्षा बजट चीन के रक्षा बजट से एक-तिहाई कम है। 

पांच दशकों में सबसे व्यापक सैन्य कार्रवाई
'ऑपरेशन सिंदूर' पांच दशकों में भारत की सबसे व्यापक सैन्य कार्रवाई है।  पाकिस्तानी सशस्त्र बल इन हमलों से पार पाने में बुरी तरह विफल रहे। पाकिस्तान ने अपने लोगों को भ्रमित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।  'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में करीब 100 किलोमीटर अंदर स्थित बहावलपुर समेत आतंकियों के नौ ठिकाने पर जवाबी कार्रवाई कर इसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। पांच भारतीय जेट विमानों को मार गिराने के पाकिस्तानी सेना के झूठे दावे ऐसे समय में खोखले हो गए जब रावलपिंडी, लाहौर, कराची, मुल्तान, सरगोधा और इस्लामाबाद को भारत की जवाबी कार्रवाई मे भारी नुकसान पहुंचा।

चीनी और तुर्किये के ड्रोन्स की विफलता
इस संघर्ष का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू पाकिस्तानी सेना द्वारा नियोजित चीनी और तुर्किये के ड्रोन्स की पूरी तरह से विफलता रही है। पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) द्वारा विकसित बहुप्रचारित एचक्यू-9 प्रणाली (लंबी दूरी की अर्ध-सक्रिय रडार होमिंग) और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एसएएम) भारतीय हार्पी ड्रोन का शिकार हो गई। पीएल -15 मिसाइल भी भारत की जवाबी कार्रवाई में नेस्तनाबूद हुए। 

भारत का मास्टरस्ट्रोक, पाकिस्तान पूरी तरह धराशाई
भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई करने की सटीक योजना भी बनाई थी। पाकिस्तान और पीओके में सटीक हमले करने के लिए स्वदेश निर्मित स्काईस्ट्राइकर 'कामीकेज' या आत्मघाती ड्रोन का इस्तेमाल स्कैल्प क्रूज मिसाइलों और हैमर बमों के साथ करना मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। ये जीपीएस-निर्देशित घूमने वाले हथियार हैं जो 10 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकते हैं। यह आठ से 10 बंकरों या तीन मंजिला इमारत को ध्वस्त करने के लिए पर्याप्त घातक है। इसे इस्राइल के एलबिट सिस्टम्स के सहयोग से बेंगलुरु स्थित अल्फा डिजाइन (एडीटीएल) द्वारा बनाया गया है। ये कम लागत वाली मिसाइलें हैं जिन्हें भारत के भीतर से लॉन्च किया जा सकता है और 100 किलोमीटर तक स्थित लक्ष्य को मार गिराया जा सकता है।
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