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कोरोना संकट व लॉकडाउन में भी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम
Sun, 30 Aug 2020 08:25 AM IST
Kuldeep Singh
नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री
नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 30 Aug 2020 08:25 AM IST
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नरेंद्र सिंह तोमर (कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री)
कृषि हमारी अर्थव्यवस्था का केंद्र बिंदु भी है। भारत के उदय की कल्पना कृषि एवं इस पर आधारित उद्योगों के जरिए ही की जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के संकल्प के मूल में भी कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर दिया है। हम आपदा को अवसर में बदलते हैं और संघर्ष के जरिये विपरीत हालात में भी कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर दिया है। हम आपदा को अवसर में बदलते हैं और संघर्ष के जरिये विपरीत हालात में भी बेहतर नतीजे देते हैं। यह हमारी खासियत है। कोरोना महामारी में विश्व की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई।
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दुनियाभर में काम-धंधे, उद्योग प्रभावित हुए। तब भी भारत के किसानों ने परिश्रम से सोना उपजाया है। किसानों की सक्रियता से लॉकडाउन में भी गांवो की अर्थव्यवस्था और कृषि आधारित उद्योगों को संबल मिला। मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार के कृषि मंत्रालय, कृषि विज्ञानियों अधिकारियों एवं राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गृहमंत्रालय की छूट से ही लॉकडाउन में कृषि कार्य बेरोकटोक चलते रहे।
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खरीद केंद्रों की संख्या दोगुनी की गई
संकट के बादजूद इस वर्ष समर्थन मूल्य पर बंपर फसल खरीद हुई। लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए खरीद केंद्रों की संख्या दो गुना कर दी गई, वहीं किसानों का खरीद केंद्र में आगमन का समय नियत कर एक-एक करके बुलाया गया। किसानों को दलहन और तिलहन की खरीद के लिए एमएसपी भुगतान के रूप में कुल 14 हजार करोड़ रुपये भुगतान किए गए हैं जो विगत वर्ष की तुलना में 62 फीसदी अधिक है।
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पिछले वर्ष यह राशि 8, 672 करोड़ रुपये थी। खरीद दलहन-तिलहन की मात्रा में ढाई गुना वृद्धि हुई है। रबी मौसम के दौरान जुलाई 2020 तक गेहूं की खरीद भी ज्यादा हुई। इस वर्ष रबी मौसम के दौरान समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए किसानों को पिछले वर्ष की तुलना में 31 फीसदी अधिक धनराशि का भुगतान किया गया है।
ई-नाम नेटवर्क से जोड़ी गई मंडियां
ई-नाम नेटवर्क से अब तक एक हजार मंडियां ई-नाम नेटवर्क से जुड़ गई हैं। लॉकडाउन में किसानों ने इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग किया है। 1.66 करोड़ किसान ई-नाम प्लेटफार्म पर पंजीकृत हैं और उन्होंने एक लाख करोड़ रुपए का रिकार्ड व्यापार किया। कोरोनाकाल में किसानों और व्यापारियों को परिवहन वाहनों को भाड़े पर लेने के लिए शुरू किए गए किसान रथ मोबाइल ऐप से भी सहूलियत हुई। 1.96 लाख से अधिक किसान और 86,000 से अधिक व्यापारी इस मोबाइल एप पर रजिस्टर्ड हैं। 10 लाख से अधिक वाहनों से जुड़े इस ऐप के माध्यम से किसान को घर बैठे परिवहन की सुविधा मिल रही है।
किसानों के लिए खुल गईं मंडियां
तीन महीने पहले भारत सरकार द्वारा दो अध्यादेशों एवं नियमों के सरलीकरण से कृषि के क्षेत्र में क्रांतीकारी परिवर्तन रहा खुली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि उत्पाद व्यापार और वाणिज्य संवर्धन एवं सरलीकरण अध्यादेश 2020 से किसानों को मंडियों से आजादी दिलाई। आप भी अपना उत्पाद देश में कहीं भी बेच सकते हैं। वहीं किसान सशक्तिकरण और संरक्षण- मूल्य आश्वासन पर करार और फार्म सेवाएं अध्यादेश 2020 के माध्यम से किसानों बुआई से पहले ही अपनी फसल के दाम तय कर सकते हैं।
सरकार के निर्णय बिचौलिए खत्म हो जाएंगे और किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत एक लाख करोड़ के कृषि अवसंरचना फंड का ऐतिहासिक प्रावधान किया है। कृषि में सरकारी निवेश के साथ-साथ निजी निवेश गांव तक पहुंचेगा।