वाराणसी सहित कई रूट पर बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार
- दिल्ली-इलाहाबाद, कानपुर, गाजियाबाद व वाराणसी रूट पर कॉरीडोर
- मिशन रफ्तार को अंजाम तक पहुंचाएगा ‘मोबिलिटी डायरेक्टोरेट’
- पैसेंजर ट्रेनों को डेमू/मेमू में बदल कर बढ़ाई जाएगी रफ्तार
- रेलवे बोर्ड अध्यक्ष एके मित्तल ने दी जानकारी, नए टाइम टेबल में दिखेगा असर
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मिशन रफ्तार के तहत रेलवे का पूरा ध्यान इन दिनों ट्रेनों की गति बढ़ाने पर है। जिन स्टेशनों पर भारी ट्रैफिक है वहां जाम की समस्या खत्म की जाएगी। गति बढ़ाने के लिए पैसेंजर ट्रेनों को मेमू ट्रेनों में बदला जाएगा। मालगाड़ियों की गति बढ़ाने के लिए दो इंजनों के इस्तेमाल की योजना है।
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष एके मित्तल ने बताया कि मिशन रफ्तार के लिए रेलवे ने अलग से ‘मोबिलिटी डायरेक्टोरेट’ का गठन किया है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेनों की गति बढ़ाना है। इसके लिए कॉरीडोर का सर्वे किया जा रहा है। इलाहाबाद, कानपुर, गाजियाबाद, मुगलसराय में भारी ट्रैफिक की समस्या को खत्म करने पर रेलवे का ध्यान है। रेलवे का मानना है कि इन स्टेशनों पर ट्रेनों को पास करने में कम से कम 20-30 मिनट तक लग जाते हैं। ऐसे स्टेशनों पर ट्रेनों के इंजन नहीं बदले जाने की योजना है। इससे 20-30 मिनट का समय बच जाएगा।
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से ट्रेनों को चलाने के लिए कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इसे पूरी तरह इलेक्ट्रिक रूट बनाया जा रहा है। सबसे पहला कॉरीडोर दिल्ली-इलाहाबाद के लिए तैयार किया गया है। पैसेंजर ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए लोको को मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (मेमू) व डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (डेमू) में बदल दिया जाएगा। बोर्ड अध्यक्ष की मानें तो एक जुलाई से लागू होने वाले रेलवे के टाइम टेबल में भारी बदलाव देखने को मिलेगा। गति बढ़ाने के क्रम में ट्रेनों की समय-सारणी भी बदल जाएगी।
जनसाधारण ट्रेनें भी दौड़ेंगी 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से
रेलवे की योजना है कि अनारक्षित श्रेणी वाली जनसाधारण ट्रेनें भी 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चलाई जाएं। इसके तहत आनंद विहार-दानापुर जनसाधारण ट्रेन को एलएचबी कोच से लैस किया गया है। एलएचबी कोच की खासियत है कि इसे राजधानी ट्रेन की गति से चलाया जा सकता है।
पुराने कोच रेलवे ट्रैक पर 110 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ज्यादा तेज नहीं दौड़ पाते हैं। इसलिए पुराने कोच की जगह एलएचबी कोच के सहारे ट्रेनों की गति बढ़ाने पर रेलवे जोर दे रहा है।
सुपर फास्ट एक्सप्रेस जो एलएचबी कोच से लैस है उसकी गति भी 120-130 किलोमीटर प्रतिघंटा करने की योजना है। प्रयोग के तौर पर महाबोधी, पूर्वा, संपर्क क्रांति सुपर फास्ट ट्रेनें इस रफ्तार से चलाई भी जा रही हैं।