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आयकर ने पहले ही कर दिया था नीरव-मेहुल के फर्जीवाड़े का खुलासा लेकिन नहीं हुई कार्रवाई

Mon, 03 Dec 2018 08:13 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 03 Dec 2018 08:13 AM IST
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Income Tax Department had already made the disclosure of Nirav's pnb scam

हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत छोड़ने के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। एक महत्वपूर्ण आयकर जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि नीरव मोदी के भारत छोड़ने से पहले आयकर विभाग ने एक रिपोर्ट साझा की थी। इस रिपोर्ट में नीरव मोदी द्वारा फर्जी खरीद, स्टोक को बढ़ाकर पेश करना, रिश्तेदारों को संदिग्ध भुगतान और संदिग्ध ऋण को लेकर नीरव के फर्जीवाड़े के बारे में चेताया गया था।

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ये चेतावनी एजेंसी ने नीरव मोदी के पीएनबी घोटाले से आठ महीने पहले दी थी। बड़ी बात ये है कि ये महत्वपूर्ण आयकर जांच रिपोर्ट को किसी दूसरी जांच एजेंसी के साथ साझा नहीं किया गया। आयकर विभाग ने भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी पर 10 हजार पन्नों की आयकर जांच रिपोर्ट को 8 जून 2017 में अंतिम रूप दे दिया था।
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पर इस रिपोर्ट को अन्य दूसरी जांच एजेंसी, गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ), सीबीआई, ईडी, डीआरआई, के साथ फरवरी 2018 तक साझा नहीं किया गया। जब तक की पीएनबी घोटाला सार्वजनिक नहीं हो गया। 
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सूत्रों ने कहा कि फरवरी 2018 से पहले कर विभाग ने क्षेत्रीय आर्थिक खुफिया परिषद (आरईआईसी) के साथ भी इस रिपोर्ट को साझा नहीं किया गया। आरईआईसी विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच जानकारी साझा करने के लिए एक तंत्र है।

बता दें कि नीरव और चोकसी और उनकी तीन साझेदारी फर्म, डायमंड 'आर' यूएस, सोलर निर्यात और तारकीय डायमंड्स पर पीएनबी से 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। दोनों ने जनवरी 2018 के पहले हफ्ते यानि घोटाले का खुलासा होने से कुछ हफ्ते पहले भारत छोड़ दिया था।

गोरतलब है कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पर नीरव भारत नहीं आ सकता क्योंकि उसे यहां पर भीड़ हिंसा का शिकार होने का डर सता रहा है और उसकी तुलना रावण से की जा रही है। ये दलील शनिवार को विशेष कोर्ट के सामने पीएनबी के 13000 करोड़ रुपये घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े नीरव के वकील ने पेश की।

उनके दावे को खारिज करते हुए ईडी ने कहा कि यदि उसे अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है तो उसे पुलिस शिकायत दर्ज करानी चाहिए। नीरव मोदी के वकील विजय अग्रवाल प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट के जज एमएस आजमी के सामने पेश हुए। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून के तहत नीरव मोदी को भगोड़ा करार देने के आवेदन का विरोध किया।


उन्होंने कहा कि कारोबारी ने ईमेल के जरिये जांच एजेंसी के सवालों का जवाब दे दिया है। उन्होंने सुरक्षा खतरों के चलते भारत लौटने में असमर्थता जताई। अग्रवाल ने कहा कि ईडी नीरव को इस आधार पर भगोड़ा घोषित करवाना चाहता है कि उन्होंने एक जनवरी 2018 को संदिग्ध परिस्थितियों में देश छोड़ा था, जबकि हकीकत यह है कि उस वक्त उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं था। नीरव जब देश से गए, तब उन पर कोई एनपीए नहीं था। 

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