फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Income Tax department can send a notice your parents due to only one of your mistake

सावधान! आपकी एक गलती से माता-पिता को मिल सकता है आयकर नोटिस

Tue, 01 Dec 2020 08:53 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Tue, 01 Dec 2020 08:53 AM IST
विज्ञापन
Income Tax department can send a notice your parents due to only one of your mistake
आयकर विभाग - फोटो : PTI

कोरोना महामारी को देखते हुए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने का समय 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ा दिया गया है। इसका मतलब करदाताओं के पास आज भी टैक्स बचाने का मौका है। हालांकि इसके चक्कर में की गई एक छोटी सी गलती के कारण आयकर विभाग आपके माता-पिता (पेरेंट्स) को नोटिस भेज सकता है।

विज्ञापन


किराए से कमाई की देनी होगी जानकारी
दरअसल, आयकर कानून के तहत अगर कोई नौकरी पेशा करदाता अपनी माता-पिता के घर में किराए से रहता है तो उसके लिए एचआरए हाउस रेंट अलाउंस पर टैक्स छूट का फायदा उठा सकता है। ध्यान देने वाली बात है कि अगर आप अपने माता-पिता की आइटीआर फाइल कर रहे हैं तो उसमें किराए से हुई आमदनी का जिक्र करना होगा। ऐसा नहीं करने पर आयकर विभाग उन्हें नोटिस भेज सकता है।
विज्ञापन


इस गलती से अटक सकता है रिफंड
आइटीआर में किराए की रसीद के जरिए कर देनदारी घटाने पर आइटीआर प्रोसेसिंग के बाद टैक्स रिफंड आने में करीब एक महीने का समय लगता है। विभाग की ओर से भेजे ई-मेल में करदाताओं से उनकी बकाया मांग उनके बैंक खाते और रिफंड में किसी तरह के अंतर के बारे में जानकारी मांगी जाती है। इसकी जानकारी सही समय पर नहीं देने पर आपका रिफंड अटक सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


तय समय में जमा करनी होगी किराए की रसीद
आयकर कानून की धारा-10 (13) के तहत कुछ सीमा में एचआरए पर टैक्स छूट ली जा सकती है। एचआरए के तहत मिलने वाली रकम पर टैक्स छूट का दावा वही नौकरीपेशा कर सकता है, जिसके वेतन में एचआरए शामिल हो और वह किराए के मकान में रहता हो। वेतनभोगी करदाताओं को हर साल कंपनी की ओर से बताए समय के भीतर किराए की रसीद देनी होती है। अगर आप कंपनी को अभी तक किराए की रसीद नहीं दे पाए हैं तो आप आइटीआर फाइल करते समय अपनी कर देनदारी कम कर सकते हैं।


..तो मकान मालिक का पैन नंबर देना होगा
किराए की रसीद नहीं दे पाने के बाद टैक्स छूट का दावा करने के लिए करदाता को आईटीआर फाइल करते समय कंपनी की ओर से मिलने वाले एचआरए पर छूट की रकम की गणना करनी होगी। इसके बाद पता चलता है कि आपकी कंपनी ज्यादा टैक्स काट रही है तो ऐसे में रिफंड का दावा कर सकते हैं। हालांकि, दावा करते समय ध्यान रखें कि आपके पास किराए की रसीद होनी चाहिए। अगर घर का सालाना किराया एक लाख से ज्यादा है तो मकान मालिक का पैन नंबर भी देना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed