Income Tax Bill 2025: लोकसभा स्पीकर ने 31 सदस्यीय चयन समिति गठित की, भाजपा सांसद पांडा होंगे अध्यक्ष
नए आयकर विधेयक में कर निर्धारण (AY) और वित्तीय वर्ष (FY) जैसी शब्दावली को आसानी से समझ में आने वाले 'कर वर्ष' (TY) से बदला गया है। इस विधेयक में आयकर की भाषा को सरल बनाने के साथ-साथ गैरजरूरी प्रावधानों और स्पष्टीकरणों को भी हटाने का प्रस्ताव है।
विस्तार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आयकर विधेयक, 2025 की जांच के लिए प्रवर समिति गठित की है। यह समिति बिल के प्रावधान और कानून में होने वाले बदलावों की जांच करेगी। भाजपा सांसद बैजयंत पांडा को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
प्रवर समिति के अन्य सदस्यों में डॉ. निशिकांत दुबे, जगदीश शेट्टर, सुधीर गुप्ता, अनिल बलूनी, राजू बिस्टा, एटाला राजेंद्र, विष्णु दयाल राम, मुकेशकुमार चंद्रकांत दलाल, पीपी चौधरी, शशांक मणि, भर्तहरि मेहताब, नवीन जिंदल, अनुराग शर्मा, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, बेनी बेहनन, विजय कुमार उर्फ विजय वसंथ, डॉ. अमर सिंह, वकील गोवाल के पाडवी, मोहम्मद रकीबुल हुसैन, लालजी वर्मा, वकील प्रिया सरोज, महुआ मोइत्रा, डॉ. कलानिधि वीरस्वामी, डग्गुमल्ला प्रसाद राव, कौशलेंद्र कुमार, अरविंद गनपत सावंत, सुप्रिया सुले, रविंद्र दत्ताराम वैकर, एनके प्रेमचंद्रन, वी. रिचर्ड शामिल हैं।
समिति में एनडीए के 17 सदस्यLok Sabha Speaker constituted the Select Committee to examine the Income-Tax Bill, 2025.
Baijayant Panda MP, Lok Sabha appointed as the Chairperson of the Select Committee of Lok Sabha to examine the Income-Tax Bill, 2025. pic.twitter.com/iRgNyuMgLCविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 14, 2025
31 सदस्यी प्रवर समिति में सत्तारूढ़ एनडीए के 17 सदस्य हैं, जिनमें भाजपा के 14 और टीडीपी, जदयू और शिवसेना के एक-एक सदस्य। वहीं, विपक्षी दलों के 13 सदस्य समिति में शामिल हैं, जिनमें कांग्रेस के छह, समाजवादी पार्टी के दो और द्रमुक, टीएमसी, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी) और आरएसपी के एक-एक सदस्य हैं। मिजोरम में सत्तारूढ़ जोरम पीपुल्स मूवमेंट की तरफ से रिचर्ड वनलालहमंगइहा समिति में हैं।
जानें क्या है नए आयकर विधेयक में
बता दें कि नए आयकर विधेयक में कर निर्धारण (AY) और वित्तीय वर्ष (FY) जैसी शब्दावली को आसानी से समझ में आने वाले 'कर वर्ष' (TY) से बदला गया है। इस विधेयक में आयकर की भाषा को सरल बनाने के साथ-साथ गैरजरूरी प्रावधानों और स्पष्टीकरणों को भी हटाने का प्रस्ताव है। नया विधेयक 622 पन्नों का है और इसमें 536 धाराएं, 23 अध्याय और 16 अनुसूचियां हैं। यह विधेयक नए करों का प्रस्ताव नहीं करता है, बल्कि मौजूदा आयकर अधिनियम 1961 की भाषा को आसान बनाता है, जिसमें 298 धाराएं और 14 अनुसूचियां हैं।
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नए आयकर विधेयक की 12 बड़ी बातें
- आयकर से जुड़े विवादों से निजात
- वर्तमान कानून की तुलना में संक्षिप्त व सरल
- कर निर्धारण वर्ष की जगह कर वर्ष
- आयकर स्लैब में संशोधन
- अपडेटेड आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा
- आभाषी डिजिटल परिसंपत्तियों से जुड़े प्रावधान
- गैर-लाभकारी संगठनों के लिए अधिक विस्तृत प्रावधान
- स्टार्टअप और डिजिटल व्यवसायों के लिए कर छूट का प्रस्ताव
- आयकर की दरों और स्टैंडर्ड डिडक्शन में बदलाव नहीं
- सीबीडीटी का अधिकार बढ़ा
- डेट म्यूचुअल फंड में निवेश महंगा; पेंशन, एनपीएस और बीमा पर छूट रहेगी जारी
- कृषि से आमदनी पर छूट और ई-केवाईसी अनिवार्य