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कालाधन खुलासा योजना में सरकार ने झोंकी पूरी ताकत, जानिए क्या है बड़ा बदलाव
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 28 Sep 2016 04:25 AM IST
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घरेलू काले धन को वैध बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई आय घोषणा योजना (आईडीएस) में अधिक से अधिक लोग लाभ ले सकें, इसके लिए आयकर विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसके लिए जहां भरपूर प्रचार अभियान चलाया गया है और नियमों को शिथिल किया गया है, वहीं योजना के अंतिम दिन 30 सितंबर को आयकर विभाग के दफ्तरों को आधी रात तक खोलने का निर्णय लिया गया है।
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केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिक से अधिक लोग आय घोषणा योजना का लाभ ले सकें, इसके लिए इस योजना के अंतिम दिन, 30 सितंबर 2016 को देशभर में आयकर विभाग के दफ्तर आधी रात तक खुले रहेंगे। ऐसा इसलिए ताकि इस योजना का लाभ उठाने वालों को दिक्कत नहीं हो।
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से मिली जानकारी के मुताबिक उस दिन मध्य रात्रि तक काले धन की घोषणाएं जमा की जा सकेंगी। आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उस दिन कामकाज के घंटों के बाद, आधी रात तक कार्यालय खोलने की व्यवस्था करें। सीबीडीटी आयकर विभाग का नीति बनाने वाला संगठन है।
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सरकार चाहती है कि इस योजना का अधिक से अधिक लोग लाभ उठाएं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिनके पास काला धन है और इस योजना का लाभ नहीं उठाते हैं, तो खुलासे की अवधि बीतने के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं, आईडीएस में घोषणा करने वालों को सुविधा हो, इसके लिए कुछ और सुविधा दी गई है।
बीते एक जून से खुली हुई है खिड़की
अफसरों को उदार रुख अपनाने का निर्देश
पहले आयकर कानून 1961 की धारा 142(1), 143(2) या 148 के तहत नोटिस जारी हो चुके व्यक्ति को उक्त वर्ष के लिए आईडीएस का लाभ नहीं लेने का प्रावधान था। लेकिन सीबीडीटी ने 21 सितंबर 2016 को जारी एक आदेश में आयकर विभाग के सभी प्रिंसिपल कमिश्नरों और कमिश्नरों को ऐसे मामले में उदार रुख अपनाने को कहा है। यह निर्देश भी आईडीएस के तहत ज्यादा आवेदन लाने का एक उपाय है।
आईडीएस के तहत घरेलू काले धन की घोषणा के लिए बीते एक जून से ही खिड़की खुल चुकी है। यह खिड़की 30 सितंबर 2016 को बंद हो रही है। इससे पहले, वित्त मंत्रालय ने आईडीएस पर लगने वाले कुल कर, सरचार्ज व जुर्माने को किस्तों में भुगतान करने की भी छूट दे दी है।
घोषणा करने वाले को कुल देय रकम की 25 फीसदी राशि आगामी 30 नवम्बर तक, 25 फीसदी राशि 31 मार्च 2017 तक और बाकी रकम 30 सितम्बर 2017 तक चुकाने की छूट मिली है। पहले पूरी रकम 30 नवम्बर 2016 तक ही चुकाया जाना था।
पहले आयकर कानून 1961 की धारा 142(1), 143(2) या 148 के तहत नोटिस जारी हो चुके व्यक्ति को उक्त वर्ष के लिए आईडीएस का लाभ नहीं लेने का प्रावधान था। लेकिन सीबीडीटी ने 21 सितंबर 2016 को जारी एक आदेश में आयकर विभाग के सभी प्रिंसिपल कमिश्नरों और कमिश्नरों को ऐसे मामले में उदार रुख अपनाने को कहा है। यह निर्देश भी आईडीएस के तहत ज्यादा आवेदन लाने का एक उपाय है।
आईडीएस के तहत घरेलू काले धन की घोषणा के लिए बीते एक जून से ही खिड़की खुल चुकी है। यह खिड़की 30 सितंबर 2016 को बंद हो रही है। इससे पहले, वित्त मंत्रालय ने आईडीएस पर लगने वाले कुल कर, सरचार्ज व जुर्माने को किस्तों में भुगतान करने की भी छूट दे दी है।
घोषणा करने वाले को कुल देय रकम की 25 फीसदी राशि आगामी 30 नवम्बर तक, 25 फीसदी राशि 31 मार्च 2017 तक और बाकी रकम 30 सितम्बर 2017 तक चुकाने की छूट मिली है। पहले पूरी रकम 30 नवम्बर 2016 तक ही चुकाया जाना था।