फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   In domestic violence and molestation cases, men are more suicidal than women

इस वजह से पत्नियों से ज्यादा पति कर रहे आत्महत्या,  तेज हुई पुरुष आयोग की मांग

Sun, 09 Sep 2018 03:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 09 Sep 2018 03:47 PM IST
विज्ञापन
In domestic violence and molestation cases, men are more suicidal than women

देश में विवाहित महिलाओं से ज्यादा शादीशुदा पुरुषों द्वारा खुदकुशी करने की घटनाओं के मद्देनजर सवाल उठ रहा है कि महिला आयोग की तर्ज पर देश में क्या एक पुरुष आयोग की भी जरूरत है? राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़े बताते हैं कि हर एक विवाहित महिला की खुदकुशी की तुलना में घरेलू हिंसा और पत्नी द्वारा प्रताड़ित करने की वजह से दो शादीशुदा मर्द आत्महत्या करते हैं।

विज्ञापन


पीड़ित पुरुषों के लिए काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन का कहना है कि देश को पुरुष आयोग पहले ही मिल जाना चाहिए था। वर्ल्ड्स राइट्स इनिशिएटिव फॉर शेयर पेरेंटिंग (सीआरआईएसपी) के संस्थापक कुमार जाहगीरदार ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स के आंकड़ें पुरुषों के लिए राष्ट्रीय निकाय गठित करने की मांग को न्योचित ठहराते हैं। उन्होंने कहा कि बहुत से पिता आत्महत्या कर रहे हैं क्योंकि वे अपने बच्चों से मिल नहीं पाते हैं।
विज्ञापन


पुरुषों को महिलाओं से ज्यादा संवेदनशील बताते हुए जाहगीरदार ने कहा कि सरकार को ‘राष्ट्रीय पुरुष आयोग’ के गठन पर विचार करना चाहिए। देश में सोमवार को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जाना है। उन्होंने कहा, ‘‘ यह देश पुरुषों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण रवैया रखता है। पुरुष महिलाओं से ज्यादा खुदकुशी करते हैं। पितृसत्ता महिलाओं की तुलना में पुरुषों को ज्यादा प्रभावित करती है। कोई भी विवाहित मर्दों की खुदकुशी पर बात नहीं करता है। हर साल सैकड़ों पुरुष दहेज के झूठे विवादों के कारण जान दे देते हैं।’’ 
विज्ञापन
विज्ञापन


दिलचस्प है कि उत्तर प्रदेश से सत्तारूढ़ भाजपा के दो सांसदों-- हरिनारायण राजभर और अंशुल वर्मा-- ने हाल में मांग की है कि कानून के ‘दुरुपयोग’ की वजह से अपनी पत्नियों की ज्यादतियां सहन करने वाले पुरुषों की शिकायत पर गौर करने के लिए एक आयोग का गठन किया जाना चाहिए। जाहगीरदार ने यह भी कहा कि पुरुषों के लिए 24/7 हेल्पलाइन की जरूरत है।


एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, 2015 में भारत में 1,33,623 लोगों ने आत्महत्या की थी जिसमें से 91,528 (68 फीसदी) पुरुष थे जबकि 42,088 महिलाएं थीं। एनसीआरबी के मुताबिक, 2015 में 86,808 शादीशुदा लोगों ने खुदकुशी की थी जिनमें से 64,534 (74 प्रतिशत) पुरुष थे।  (इनपुट, भाषा)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed