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चेतावनी: उत्तर भारत में इस बार चलेगी भीषण शीतलहर, तीखी रहेगी सर्दी

Mon, 30 Nov 2020 12:23 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 30 Nov 2020 12:23 AM IST
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IMD says there may be severe cold in North India
ठंड में तापते लोग - फोटो : अमर उजाला

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने रविवार को कहा कि उत्तर भारत में इस बार अधिक कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है और ज्यादा शीत लहर चल सकती हैं।

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आईएमडी ने दिसंबर से फरवरी के लिए अपने सर्दियों के पूर्वानुमान में कहा कि उत्तर और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है। महापात्र ने कहा कि उत्तर भारत में इस मौसम में अधिक कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना है। शीत लहर अधिक चलने की संभावना है।
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उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में रात का तापमान सामान्य से कम रह सकता है, वहीं दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। पश्चिमी तट और दक्षिण भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
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आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा कि आगामी सर्दी के मौसम (दिसंबर से फरवरी) में उत्तर, उत्तर पश्चिम, मध्य भारत के अधिकतर उपसंभागों में और पूर्वी भारत के कुछ उपसंभागों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है।

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में हर साल सर्दी के मौसम में शीत लहर के प्रकोप से अनेक लोगों की जान चली जाती है। महापात्र ने पिछले महीने एक वेबिनार में संकेत दिया था कि इस बार ला नीना प्रभाव की वजह से अधिक कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है। ला नीना प्रशांत महासागर के पानी के शीतलन से जुड़ा घटनाक्रम है।

आईएमडी के मौसम विज्ञान के लिहाज से चार भाग हैं। इनमें उत्तर पश्चिम भारत, दक्षिण प्रायद्वीप, पूर्व एवं उत्तर पूर्व भारत तथा मध्य भारत हैं। उत्तर पश्चिम भाग में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख हैं।

मध्य भारत में गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों का बड़ा हिस्सा आता है, वहीं दक्षिण प्रायद्वीपीय संभाग में समस्त दक्षिणी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी आते हैं।

पूर्व और उत्तर पूर्व भारत संभाग में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के सारे राज्य आते हैं।

बता दें कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में हर साल शीतलहर चलने के कारण सैकड़ों लोगाें की मौत होती है। आईएमडी महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने कहा, उत्तरी भारत में रात का तापमान लगातार सामान्य से नीचे रह सकता है, जबकि दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। पश्चिमी तट और दक्षिण भारत को भी सामान्य से ज्यादा तापमान का सामना करना पड़ सकता है।

मोहपात्रा ने यह भी कहा कि अक्तूबर में उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में रिकॉर्डतोड़ न्यूनतम तापमान से भी इसके संकेत मिले हैं। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा, आगामी शरद ऋतु (दिसंबर से फरवरी) के दौरान उत्तर, उत्तरपश्चिम और मध्य भारत के अधिकतर प्रभागों और पूर्वी भारत के कुछ प्रभागों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहेगा।  

मोहपात्रा ने पिछले महीने ही एक वेबिनार के दौरान इस बार सर्दी के बेहद तीखी रहने का इशारा किया था। उन्होंने इसके लिए ला नीना को जिम्मेदार बताया था। मानसूनी बारिश कराने वाले एल नीनो के विपरीत ला नीना प्रशांत महासागर का पानी ठंडा होने के कारण बने प्रभाव की स्थिति को कहते हैं।

आईएमडी ने पूर्वानुमान में कहा, फिलहाल मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय  प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से नीचे है और इस क्षेत्र में मध्यम ला नीना के हालात प्रबल हैं। आईएमडी ने कहा, ताजा पूर्वानुमान से मध्यम ला नीना की स्थिति के सर्दी का सीजन खत्म होने तक बने रहने के संकेत मिले हैं।  

पांच साल में पहली बार गंभीर चेतावनी 
आईएमडी ने 2016 में शरद ऋतु का पूर्वानुमान जारी करना शुरू किया था। इसके बाद पहली बार देश की सरकारी मौसम एजेंसी ने सर्दियों में गंभीर स्थिति रहने की चेतावनी जारी की है। पिछले साल आईएमडी ने सर्दी का मौसम हल्का गर्म रहने का अनुमान जताया था। 

दस साल में इस नवंबर सबसे ज्यादा ठिठुरी दिल्ली 
दिल्ली में ठंड ने इस साल नवंबर माह के दौरान करीब एक दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में इस बार एक नवंबर से 29 नवंबर तक औसत न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहा, जो पिछले 10 साल में सबसे कम है।  

दिल्ली में नवंबर में औसत न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री के आसपास रहता है, लेकिन इस बार यह 10.3 डिग्री दर्ज किया गया है। बीते साल औसत न्यूनतम तापमान 15 डिग्री, वर्ष 2018 में 13.4 डिग्री और 2017 व 2016 में 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। रविवार को भी राष्ट्रीय राजधानी का न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 7 डिग्री दर्ज किया गया।

इस माह में यह सातवीं बार है, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा है। हालांकि रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 26.4 डिग्री दर्ज किया गया। बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में 23 नवंबर को ही न्यूनतम तापमान ने 17 साल का रिकॉर्ड तोड़ा था। 23 नवंबर को 2003 के बाद सबसे कम 6.3 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा था।  

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भी राजधानी में न्यूनतम तापमान लगभग सात डिग्री और अधिकतम तापमान 26 डिग्री रहने की संभावना है। सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा। आगामी दो दिसंबर से पांच दिसंबर तक न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। वहीं अधिकतम तापमान भी 27 डिग्री के आसपास बना रहेगा। 


उत्तर भारत में सामान्य से कम रहा तापमान 
उत्तर भारत के तकरीबन सभी हिस्सों में रविवार को तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। श्रीनगर स्थित मौसम विभाग ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के ऊंचे पहाड़ों में बर्फबारी का अनुमान जताया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे चल रहा है। राजस्थान में भी रात का तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे पहुंच गया है। हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान बढ़ने के कारण शीतलहर से राहत मिली है। मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से दक्षिण भारत के सभी राज्यों में भारी से भारी बारिश की चेतावनी दी है। 

दिल्ली में सोमवार का पूर्वानुमान: सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा

30 नवंबर को सूर्यास्त: शाम 5 बजकर 24 मिनट 

01 दिसंबर को सूर्योदय: सुबह 6 बजकर 57 मिनट 

रविवार को राष्ट्रीय राजधानी 

अधिकतम तापमान   26.4 डिग्री सेल्सियस 

न्यूनतम तापमान        07.0 डिग्री सेल्सियस 

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