Weather: अप्रैल-जून में 15+ राज्यों में गर्मी का कहर, पूर्वी यूपी में 10 दिन लू की चेतावनी; जानिए मौसम का हाल
मौसम विभाग (IMD) ने मार्च खत्म होने से पहले ही देश के कई हिस्सों में 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुके तापमान के बीच इस साल भीषण गर्मी और लू को लेकर चेतावनी दी है। IMD के मुताबिक इस साल लू के थपेड़े दोगुने होंगे। अप्रैल-जून में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ने की आशंका है। 15 से अधिक राज्यों में गर्म हवाओं का कहर दिखेगा। मौसम विभाग की तरफ से जारी चेतावनी के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले तीन महीने के दौरान 10 से 11 दिन लू चलेगी। जानिए आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम
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लू चलने वाले दिनों की संख्या पिछले साल से अधिक
मौसम विभाग के मुताबिक देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की आसार हैं। उन्होंने कहा, देश के मध्य, पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में लू (गर्म हवाएं) वाले दिनों की संख्या पिछली बार से अधिक रहेगी। कुछ राज्यों में लू वाले दिन दोगुना होने की आशंका है।
इन राज्यों में 10 से 11 दिन लू चलने की संभावना
महापात्र ने कहा, जिन राज्यों में सामान्य से अधिक गर्म हवाएं चलने की संभावना है, उनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तथा कर्नाटक और तमिलनाडु के उत्तरी भाग शामिल हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित कुछ राज्यों में इस अवधि के दौरान 10 से 11 दिन लू चलने की संभावना है।
ओडिशा में गर्म हवाओं का कहर
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में 2025 में गर्मी की लहर बहुत पहले आ जाएगी। 2024 में, 5 अप्रैल को ओडिशा में गर्म हवाएं चलनी शुरू हुई थीं, लेकिन इस साल कोंकण और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 27-28 फरवरी को ही गर्म हवाएं चलने लगीं।
अप्रैल से ही झेलनी होगी तेज गर्मी
मौसम विभाग के प्रमुख ने कहा, अप्रैल में भारत के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, सुदूर दक्षिणी और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों के कुछ इलाकों में तापमान सामान्य रह सकता है। महापात्र ने कहा, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व में कुछ स्थानों पर तापमान सामान्य से कुछ कम भी रहेगा लेकिन इसे छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा।
अस्पतालों को पूरी तैयारी रखने का केंद्र ने दिया है निर्देश
पिछले सप्ताह, केंद्र सरकार ने राज्यों से यह जांच करने को कहा था कि क्या उनके अस्पताल तापमान में वृद्धि के बीच हीटस्ट्रोक और गर्मी से संबंधित बीमारियों से निपटने के लिए तैयार हैं। राज्यों को अस्पतालों में ऐसे उपाय करने के लिए कहा गया है कि लू के शिकार लोगों को तत्काल शरीर का तापमान कम करने में मदद मिले।
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बिजली की मांग में 10 फीसदी तक होगी वृद्धि
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत को इस बार गर्मी के दौरान बिजली की मांग में 9 से 10 प्रतिशत वृद्धि के लिए तैयार रहना चाहिए। पिछले साल, देश भर में बिजली की अधिकतम मांग 30 मई को 2,50,000 मेगावाट को पार कर गई थी। यह पूर्वानुमान से 6.3 प्रतिशत अधिक था।
अप्रैल में औसत के 88 से 112 फीसदी तक वर्षा
आईएमडी ने कहा कि देश में अप्रैल में 39.2 मिमी के दीर्घकालिक औसत के 88 से 112 प्रतिशत पर सामान्य वर्षा होने की उम्मीद है। उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पश्चिम-मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। महापात्र ने यह भी चेतावनी दी कि पश्चिमी घाट में केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भूस्खलन हो सकता है और पूर्वोत्तर राज्यों को अप्रैल में बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।
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पिछले साल गर्मी से हुई थीं 143 मौतें
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले साल भारत में बहुत ज्यादा गर्मी पड़ी थी, जिसमें अलग-अलग राज्यों में कुल मिलाकर लू के 536 दिन दर्ज किए गए। यह 14 साल में सबसे ज्यादा थे। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान देश में सबसे गर्म और सबसे लंबी अवधि वाले लू के दौरान हीट स्ट्रोक के 41,789 संदिग्ध मामले और गर्मी से संबंधित 143 मौतें दर्ज की गईं। हालांकि, भारत में पुख्ता आंकड़ों की कमी के कारण गर्मी से होने वाली मौतों की यह संख्या वास्तविक से कम हो सकती है।
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