'दो-तीन साल पहले बांग्लादेश से आए थे': सीमा पर अवैध प्रवासियों का कबूलनामा, बंगाल में घुसपैठियों पर कार्रवाई
पश्चिम बंगाल में कथित अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। सीमा पर पहुंचे कई लोगों ने खुद माना कि वे दो-तीन साल पहले बांग्लादेश से भारत आए थे। राज्य में डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट अभियान के बाद बड़ी संख्या में लोग सीमा की ओर लौट रहे हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं वहां मौजूद घुसपैठियों ने बातचीत में क्या-क्या कहा...
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विस्तार
क्या बोले सीमा पर पहुंचे लोग?
सीमा पर मौजूद एक युवक ने बातचीत में बताया कि वह बांग्लादेश से दो-तीन साल पहले भारत आया था। उसने कहा कि उसे दूसरे लोग यहां लेकर आए थे और यहां आने के बाद कहा गया कि अब खुद काम करके रहो। युवक ने बताया कि वह बाइक मैकेनिक का काम करता था और हावड़ा इलाके में रहता था। उसने यह भी कहा कि उसके साथ करीब दस लोग आए थे, लेकिन अब वह अकेला है। कई लोगों के पास आधार कार्ड और राशन कार्ड भी नहीं मिले। इन बयानों के बाद प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।
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बंगाल में आखिर क्या चल रहा है?
पश्चिम बंगाल सरकार और प्रशासन ने कथित अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए अभियान तेज कर दिया है। उत्तर 24 परगना के बसीरहाट इलाके के हाकिमपुर चेकपोस्ट पर मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में बांग्लादेशी पुरुष और महिलाएं पहुंचीं। इनमें कई लोग ऐसे बताए जा रहे हैं जो लंबे समय से बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे थे। हाल में घुसपैठियों को पकड़ने, पहचान करने और वापस भेजने की बात सामने आने के बाद सीमा पर भीड़ बढ़ गई। प्रशासन अब दस्तावेजों की जांच कर रहा है और संदिग्ध लोगों को होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है।
होल्डिंग सेंटर में क्या हो रहा है?
मालदा जिला इस कार्रवाई का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। यहां इंग्लिश बाजार इलाके के चंदन पार्क में पहला होल्डिंग सेंटर शुरू किया गया है। यहां फिलहाल नौ संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है। इनमें तीन महिलाएं और छह नाबालिग शामिल हैं। इन लोगों को गाजोल थाना क्षेत्र से पकड़ा गया था। सेंटर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस के साथ सिविल डिफेंस तथा अन्य कर्मचारी चौबीस घंटे निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि यहां लोगों के दस्तावेज और पहचान की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
#WATCH | North 24 Parganas, West Bengal | A large group of allegedly illegal Bangladeshi immigrants gather at the Hakimpur checkpost near the Bangladesh border, after the newly formed, BJP-led, West Bengal government, launched its 'detect, delete and deport' policy. (26.05) pic.twitter.com/ssPlJzHv78
— ANI (@ANI) May 26, 2026
सरकार की नीति और कानून क्या कहते हैं?
राज्य में डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट नीति को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म है। प्रशासन का कहना है कि जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज नहीं होंगे और जो नागरिकता कानून के दायरे में नहीं आएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। नए इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत पुलिस को ज्यादा अधिकार दिए गए हैं। इस कानून के तहत संदिग्ध विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया जा सकता है और उनकी जानकारी केंद्रीय डाटाबेस में अपलोड की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, संदिग्ध लोगों को 30 दिन तक होल्डिंग सेंटर में रखा जा सकता है।