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पहले पढ़ो, बाद में लौटाओ, आईआईटी की ‘लर्न, अर्न, रिर्टन फंड’ योजना
एजेंसी/खड़गपुर
Updated Mon, 01 Aug 2016 03:45 AM IST
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केंद्र सरकार की ओर से बजट में कटौती का सामना कर रहे आईआईटी खड़गपुर ने फंड एकत्रित करने का नया तरीका खोजा है। आईआईटी ने ‘लर्न, अर्न, रिर्टन फंड’ योजना बनाई है। इसके तहत छात्रों को फीस में छूट मिलेगी।
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इसके लिए उन्हें यह शपथ लेनी होगी कि वह नौकरी मिलने के बाद संस्थान को राशि दान करेंगे। रविवार को ही संस्थान ने अपने पूर्व छात्र गूगल स्कॉलर के सह संस्थापक अनुराग आचार्य और बर्कशायर हेथवे के अजीत जैन को उनकी उपलब्धियों के लिए एलुमिनस अवार्ड दिया।
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आईआईटी खड़गपुर के निदेशक पार्था प्रतीम चक्रबर्ती ने कहा कि हमने छात्रों से नौकरी मिलने के बाद कम से कम सालाना 10 हजार रुपये देने के लिए कहा है। यदि हमारे 30 हजार पूर्व छात्र भी पैसा देते हैं तो हम प्रति वर्ष 30 करोड़ रुपये एकत्रित कर लेंगे। यदि पूर्व छात्रों ने अंशदान शुरू कर दिया तो हम एक नया मॉडल तैयार करने योग्य हो जाएंगे। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी भी अपने बजट का 60 फीसदी हिस्सा अपने पूर्व छात्रों से प्राप्त करती है।
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