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आईआईटी देंगे एमआईटी को टक्कर, दस छात्रों पर एक फैकल्टी

Wed, 14 Sep 2016 03:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 14 Sep 2016 03:29 AM IST
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IIT compete with will MIT, one faculty on ten students

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में शामिल होने के लिए अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय जैसे दुनिया के शीर्ष शिक्षण संस्थानों को टक्कर देगा। आईआईटी काउंसिल ने इसकी रैंकिंग सुधारने के लिए छात्र-शिक्षक अनुपात को दुरुस्त करने का फैसला लिया है। अब पांच पीएचडी छात्र एक फैकल्टी माने जाएंगे।

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अधिकारियों के मुताबिक, आईआईटी काउंसिल की बैठक में देसी संस्थान के दुनिया के सौ सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में शामिल न होने पर भी चर्चा हुई। इसमें कहा गया कि रैंकिंग सुधारने में सबसे पहले छात्र-शिक्षक अनुपात को ठीक करना होगा। इस पर फैसला हुआ कि अब पांच पीएचडी स्कॉलर्स एक फैकल्टी के रूप में माने जाएंगे। क्योंकि आईआईटी में पीएचडी स्कॉलर्स भी अंडरग्रेजुएट छात्रों को पढ़ाते हैं। देशभर के आईआईटी में इस समय 26 हजार पीएचडी स्कॉलर्स हैं।
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जबकि आईआईटी में करीब 26 सौ फैकल्टी की जरूरत है। जबकि 72 सौ फैकल्टी सेवाएं दे रही हैं। इसके साथ ही आईआईटी में इस समय 14 से 15 छात्रों के लिए एक फैकल्टी है। जबकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत 9-10 छात्र पर एक फैकल्टी होनी चाहिए। इसलिए अब आईआईटी में भी प्रति दस छात्र पर एक फैकल्टी होगी।

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भारत के शिक्षण संस्थान सर्वश्रेष्ठ सौ में शामिल नहीं 

IIT compete with will MIT, one faculty on ten students

आईआईटी काउंसिल का मानना था कि शोध व इनोवेशन के अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर व छात्र-शिक्षकों के अनुपात को ठीक करना जरूरी है। क्योंकि फैकल्टी की कमी के चलते दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में शामिल होने से पिछड़ रहे हैं।

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2016 ब्रिटेन में हुए एक सर्वेक्षण के अनुसार अमेरिका के एमआईटी पहले और स्टैनफोर्ड व हार्वर्ड क्रमश: दूसरे तीसरे नंबर पर थे। जबकि आईआईटी दिल्ली की रैंकिंग 179 रैंक से खिसक कर 185 हो गई है।

वहीं, टॉप 400 की सूची में आईआईटी मुंबई 219 नंबर, चेन्नई 249, आईआईटी कानपुर 302, आईआईटी खड़गपुर 313 और आईआईटी रुड़की की रैंकिंग 399 नंबर रही। इस सर्वेक्षण के बाद क्यूएस के शोध प्रमुख बेन सोवटर ने कहा था कि रैंकिंग की तुलना निवेश से की जा सकती है। इससे पता चलता है कि कौन सा देश प्रगति कर रहा है और कौन नहीं।

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